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हाथरस : निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, बच्चे हुए फेल

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गांव अहवरन पुर में संविलियन विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों से सवाल पूछते डीएम। संवाद - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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जिलाधिकारी रमेश रंजन ने मंगलवार को विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत अहवरनपुर के संविलियन विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्य को समय-समय पर शिक्षक-अभिभावक बैठक कराने, पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थियों से उसी पाठ को पढ़वाने और गणित के प्रश्नों को श्याम पट पर हल कराने के निर्देश दिए।
डीएम को बताया गया कि स्कूल में विद्याथियों के लिए अभी तक स्कूल में किताबें नहीं आई हैं। साथ ही बच्चे अंग्रेजी के पाठ नहीं पढ़ पाए। डीएम ने प्रधानाचार्य गिर्राज सिंह से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापकों और पंजीकृत विद्यार्थियों के बारे में जानकारी ली।
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प्रधानाचार्य ने बताया कि दोनों विद्यालयों में कुल 13 अध्यापक-अध्यापिका तैनात हैं। इसमें से नौ सहायक अध्यापक, तीन अनुदेशक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। दोनों विद्यालयों में कुल 449 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। निशुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण और ड्रेस के लिए अभिभावकों के खाते में भेजे जाने वाली धनराशि के संबंध में जानकारी ली।
प्रधानाचार्य ने बताया कि अभी किताबें प्राप्त नहीं हुई हैं। इस वर्ष जो बच्चे पास होकर अगली कक्षा में गए हैं, उनकी किताबें मंगाकर इस वर्ष अध्ययनरत विद्यार्थियों को वितरित की गई हैं। यूनिफॉर्म बनवाने के लिए 322 छात्र-छात्राओं के अभिभावको के खाते में धनराशि भेजी गई है।
डीएम ने शेष सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि तत्काल भेजने के निर्देश दिए। डीएम ने फोन पर बीएसए से कहा कि अभी तक जितनी पाठ्य पुस्तकें प्राप्त हो गई हैं, उनको तत्काल वितरण कराते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। डीएम ने सबसे पहले कक्षा सात का निरीक्षण किया।
डीएम ने कक्षा में उपस्थित छात्र शीतल, सुमित व नदीम से अंग्रेजी की किताब के पाठ-छह को पढ़वाकर देखा, लेकिन छात्र ठीक ढंग से अंग्रेजी के पाठ को नहीं पढ़ पाए। उन्होंने कक्षा छह का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया कि कुछ बच्चों ने यूनिफॉर्म नहीं पहनी हुई है।
डीएम ने यूनिफॉर्म बनवाने के लिए धनराशि को अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धनराशि भेजने के उपरांत यदि कोई छात्र-छात्रा यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आता है तो उनके अभिभावकों से वार्ता कर यूनिफॉर्म बनवाने के लिए कहें।
डीएम ने अंग्रेजी के प्रथम अध्याय को छात्रा तान्या से पढ़वाकर देखा। उसने सही तरह पाठ को पढ़ा और उसका हिंदी में अनुवाद भी सुनाया। इस पर डीएम जिलाधिकारी ने खुशी जताई। इसके पश्चात उन्होंने छात्र-छात्राओं से गणित के कुछ प्रश्नों जैसे परिमेय, अपरिमेय संख्या, संख्याओं को आरोही व अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने, भिन्न वाली संख्या में छोटी और बड़ी संख्या को छांटना संबंधित प्रश्नों को श्याम पट पर हल कराया।
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इसका किसी भी छात्र/छात्रा ने ठीक ढंग से उत्तर नहीं दिया। छात्रा तनु से महात्मा गांधी का चित्र श्याम पट पर बनवाकर देखा। इसके पश्चात उन्होंने कक्षा आठ का निरीक्षण किया। उन्होंने अंग्रेजी और विज्ञान की पुस्तक के पाठ को पढ़वाकर देखा और गणित के प्रश्नों को श्यामपट्ट पर हल कराया। गणित के पूछे गये प्रश्नों का छात्र-छात्राओं द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक/शिक्षिका आदि उपस्थित रहे।
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