हाथरस। हाथरस सहित प्रदेश के सभी नगर पालिका क्षेत्रों में बिजली की अंडर ग्राउंड लाइन डाली जाएगी। निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) के आदेश के बाद बिजली अफसर डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव भेजने में जुटे हैं। बिजली चोरी को रोकने और घनी आबादी में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगम स्तर से यह फैसला लिया गया है। इससे आए दिन होने वाले फॉल्ट के चलते लोगों को बिजली संकट से छुटकारा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के तहत आगरा, अलीगढ़, कानपुर, टूंडला, फिरोजाबाद सहित प्रदेश में जितनी भी नगर पालिका व नगर पंचायतें हैं। इनमें भूमिगत बिजली की लाइन डाली जाएंगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई है। निगम स्तर से डीपीआर तैयार कर इसके प्रस्ताव मांगे गए हैं। हाथरस शहर व सिकंदराराऊ नगर पालिका क्षेत्र में पहले चरण में भूमिगत केबल डाली जाएंगी। संवाद
लाइन हानि और घनी आबादी वाले इलाके में बिछेगी लाइन
हाथरस नगर पालिका के उन इलाकों में सबसे पहले बिजली की भूमिगत लाइन बिछाई जाएगी, जहां बिजली चोरी ज्यादा हो रही है। इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली की लाइन डाली जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके और बिजली चोरी के आंकड़े में गिरावट आ सके। हाथरस शहर में करीब 100 किलोमीटर लाइन डाली जाएगी। खास बात यह है शहर में यदि भूमिगत लाइन डाली जाएगी तो बजट भी अच्छा-खासा खर्च होगा। एक ट्रांसफॉर्मर पर करीब 30 लाख रुपये का खर्च आएगा।
स्ट्रीट लाइट के लिए कंपनी को लगाने होंगे खंभे
हाथरस व सिकंदराराऊ नगर पालिका में जितनी भी स्ट्रीट लाइट लगी हैं, वह बिजली विभाग के खंभों पर लगी हुई हैं। जब विभाग द्वारा सेक्टर में बांटकर भूमिगत लाइन बिछाई जाएगी तो अपने खंभों को हटाना होगा। वर्तमान में हाथरस नगर पालिका में ईएसएएल कंपनी की लाइन लगी हुई है। इस कंपनी को प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अलग से अपने खंभे लगाने होंगे। सभी नगर पालिका क्षेत्रों में कंपनी को अपने खंभे स्थापित करने होंगे। तब जाकर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होगी। बिजली विभाग द्वारा इंटर कनेक्टिविटी के जरिए स्ट्रीट लाइट को आपूर्ति की जाएगी।
रिवेम्प स्कीम के इलाके नहीं होंगे शामिल
केंद्र सरकार द्वारा रिवेम्प योजना की शुरुआत की गई है। योजना के तहत जिले में 581 किलोमीटर की नई बंच कंडक्टर लाइन डाली जाएगी। साथ ही साढ़े पांच सौ नये ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। जो इलाके रिवेम्प योजना में शामिल हो गए हैं, उनको भूमिगत केबिल डालने की योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
जहां से ज्यादा राजस्व, वहां पहले होगा काम पूरा
निगम के अफसरों का साफ शब्दों में कहना है कि जहां से हर माह राजस्व मिल रहा है, वहां सबसे पहले काम पूरा कराया जाए। सबसे पहले ऐसी जगहों पर ही भूमिगत केबल डालने के काम की शुरुआत होगी।
हाथरस और सिकंदराराऊ सहित प्रदेश में जितने भी नगर पालिका क्षेत्र हैं, उनमें बिजली की भूमिगत लाइन बिछाई जाएगी। अभी निगम स्तर से इसका प्रस्ताव मांगा गया है। अधिक लाइन हानि व घनी आबादी में भूमिगत लाइन डालने की तैयारी है। स्ट्रीट लाइट के लिए जो कंपनी होगी, उसे अपने खंभे लगाने होंगे। इंटर कनेक्टिविटी के पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
-एमपी सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत