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हाथरस : अब शहीद हरवीर के परिवार के सदस्य को भी मिलेगी सरकारी नौकरी, मुआवजा

सार

मुरसान क्षेत्र निवासी शहीद परिवार को तो सरकार ने आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा कर दी थी, लेकिन उनसे पहले शहीए हुए हरवीर के परिवार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रघुवीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है।गांव बरामई निवासी पैरा कमांडो हरवीर सिंह 29 अगस्त को लद्दाख में युद्धाभ्यास के दौरान पैराशूट हादसे में शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैरा कमांडो की शहीदी पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जिले की किसी एक सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने की घोषणा की।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
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भारत-चीन सीमा पर पिछले दिनों लेह लद्दाख में युद्धाभ्यास के दौरान पैराशूट न खुलने से जिले के दो पैरा कमांडो शहीद हो गए थे। मुरसान क्षेत्र निवासी शहीद परिवार को तो सरकार ने आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा कर दी थी, लेकिन उनसे पहले शहीए हुए हरवीर के परिवार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई। इसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इस पर हरकत में आए शासन ने हरवीर के परिवार को भी आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के आदेश दिए हैं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रघुवीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
गांव बरामई निवासी पैरा कमांडो हरवीर सिंह 29 अगस्त को लद्दाख में युद्धाभ्यास के दौरान पैराशूट हादसे में शहीद हो गए थे। शहीद स्थल और शहीद स्मारक बनाने के लिए जमीन आवंटन को लेकर परिजन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तनातनी भी हुई थी। शहीद की पत्नी पवन देवी, भाई सूबेदार ओमवीर सिंह ने जमीन आवंटन के लिए कई अधिकारियों को पत्र लिखें और एसडीएम शिव सिंह से भी मुलाकात की। अधिकारियों की ओर से आश्वासन से ज्यादा शहीद परिवार को कुछ नहीं मिला। प्रशासन के इस रवैये से शहीद परिवार की भावनाएं आहत हुई थीं। कुछ दिन बाद ही मुरसान क्षेत्र के गांव नगरिया नंदराम के पैरा कमांडो सूरजपाल पचौरी लेह में युद्धाभ्यास के दौरान पैराशूट न खुलने से शहीद हो गए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैरा कमांडो की शहीदी पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जिले की किसी एक सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने की घोषणा की। इस घोषणा से शहीद हरवीर सिंह के परिवार के लोग और व्यथित हो गए। भतीजे नीतेश चौधरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ट्वीट कर इस भेदभाव पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
आम आदमी पार्टी की आरती भट्ट और क्षेत्रीय विधायक गुड्डू चौधरी ने इसके लिए नाराजगी व्यक्त की और शहीद परिवार का साथ देने का वादा किया। इसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इसके बाद प्रशासन और सरकार दोनों की नींद खुल गई। बुधवार को सरकार ने सेना मेडल प्राप्त शहीद हरवीर सिंह के परिवार को भी 50,00,000 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की।
शहीद हरवीर सिंह के परिजनों को इससे राहत जरूर मिली है, लेकिन उनकी मांग है शहीद पार्क और स्मारक के लिए जमीन आवंटन की भी है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमा. रघुवीर सिंह ने बताया कि बरामई के शहीद नायब सूबेदार हरवीर सिंह सेना मेडल 29 अगस्त को एलएसी के पास पैरा ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए थे।
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लेह में कर्तव्य पालन के द्वारा वीरगति प्राप्त करने वाले शहीद नायब सूबेदार हरवीर सिंह के परिजनों को प्रदेश शासन के सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ गृह विभाग लखनऊ से 5000000 रुपये की आर्थिक सहायता व शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। इसकी अग्रिम कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा जल्द की जाएगी। संवाद
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