न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
कोतवाली क्षेत्र के गांव महौ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के नाम पर सिर्फ दवा देकर खानापूर्ति की जा रही है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की व्यवस्था नहीं होने से गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा। संसाधनों के अभाव में अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। महिला चिकित्सक के नहीं होने से महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में एमओआईसी सहित चार चिकित्सक तैनात हैं। इनमें एक चिकित्सक अवकाश पर हैं। चिकित्सकों द्वारा मरीजों को उपचार के नाम पर सिर्फ जरूरी परामर्श कर पर्चा पर दवा लिखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बिल्डिंग भले ही 30 शैय्या के अस्पताल की हो लेकिन जरूरी उपकरण के अभाव में लोगों को इलाज नहीं मिल पाता है। संवाद
- चिकित्सक मरीज से बीमारी पूछकर दवा लिखकर दे देते हैं। ज्यादा गंभीर बीमारी होने पर रेफर कर दिया जाता है। सामान्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के उपचार के नाम पर सिर्फ एंटीबायोटिक गोलियों से काम चलाया जाता है। मौसमी बीमारियों के अलावा खुजली तक की दवा नहीं मिल पाते हैं। - सुरेश चंद्र
- सीएचसी में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीन नहीं होने से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को इधर-उधर भागदौड़ करनी पड़ती है। बुजुर्गों के लिए सांस व खांसी की बीमारी को रोकने के लिए सिर्फ गोली ही थमा दी जाती है। सीएचसी पर बुजुर्गों के लिए कोई सीरप तक नहीं मिल पाते हैं। - योगेंद्र सिंह
- सीएचसी पर कुछ दिनों तक महिला चिकित्सक थीं। अब फिर से हालत जस के तस बन गए। महिलाओं को किसी भी तरह की समस्या होने पर पुरुष चिकित्सकों के पास जाना पड़ता है। इसमें कई महिलाएं झिझकती भी हैं। सीएचसी में महिला चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - देवी