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Hathras: दहेज के लिए पत्नी को उतारा था मौत के घाट, पति को उम्रकैद की सजा

Tue, 16 Aug 2022 10:54 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मृतका रिहाना के पति आसिफ को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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आरोपी को जयपुर की पॉक्सो अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है - फोटो : social media
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विस्तार
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दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो ने आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार श्याम बेटी ने थाना हाथरस गेट पर तहरीर दी थी कि उसने अपनी पुत्री रिहाना की शादी 19 जून 2018 को आसिफ पुत्र नत्थू खां निवासी बनवारीपुर थाना हसायन हाल निवासी नगला तंदुला थाना हाथरस गेट से की थी। शादी में छह लाख रुपये खर्च किए थे। इस पर भी ससुराल वाले खुश नहीं थे और उसकी बेटी को प्रताड़ित करते थे। एक लाख रुपये दहेज की मांग करते थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 अगस्त 2019 की रात्रि में सभी ससुराल वालों ने मिलकर उसकी बेटी की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और विवेचना की। विवेचना अधिकारी ने अभियुक्त आसिफ, नत्थू व रहीसन उर्फ गुड्डी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मृतका रिहाना के पति आसिफ को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने नत्थू और रहीसन को दोष मुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने की।

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