न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हार्ट अटैक से मृत एक सैनिक के शव को अंतिम संस्कार के लिए रविवार को कई घंटे तक जमीन नहीं मिली। इस पर उसके परिजन व अन्य लोग आक्रोशित हो गए और इन लोगों ने आगरा-अलीगढ़ रोड पर सैनिक के शव के वाहन को बीच रास्ते में खड़ा कर जाम लगा दिया। मौके पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी व कुछ राजनेता भी पहुंच गए। परिजनों की मांग थी कि जिस भूमि पर सैनिक के शव का अंतिम संस्कार हो, उस भूमि को शहीद स्मारक के लिए भी आवंटित किया जाए। इस दौरान जब अधिकारियों ने मृत सैनिक के परिजनों को लिखित में भूमि देने का आश्वासन दिया, तब लोगों ने करीब ढाई घंटे बाद जाम खोला। इसके उपरांत सैनिक सम्मान के साथ सैनिक के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार की देर रात असम रायफल्स के एक जवान 40 वर्षीय जितेंद्र की मणिपुर में हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। वह चंदपा क्षेत्र के गांव कपूरा का रहने वाला था। शनिवार की देर रात उसका शव मथुरा छावनी की एक टुकड़ी लेकर आई। परिजन चाहते थे कि जितेंद्र के शव का जहां अंतिम संस्कार हो, वहीं उसका स्मारक बने और इसके लिए भूमि आवंटित कर दी जाए। इसे लेकर शनिवार से ही पेच फंसा हुआ था।
प्रशासन परिजनों को श्मशान स्थल के बाहर एक भूमि देने को तैयार था, लेकिन परिजन यह चाहते थे कि उन्हें कहीं और भूमि इसके लिए दी जाए। यह मामला रविवार की सुबह तक नहीं सुलझ सका तो मृतक के परिजनों व अन्य लोगों ने उस वाहन को जिसमें शव को लाया गया था, उसे गांव कपूरा के बाहर आगरा-अलीगढ़ एनएच पर खड़ा कर जाम लगा दिया। जाम लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग र्गइं।
इस दौरान आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की। मौके पर चंदपा पुलिस के अलावा सीओ सादाबाद रुचि गुप्ता व एसडीएम सदर राजकुमार यादव भी वहां पहुंच गए। अधिकारियोें ने आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन यह लोग नहीं माने। वहां मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय भी पहुंच गए। काफी समझाने-बुझाने पर परिजन इस बात पर तैयार हुए कि उन्हें स्मारक स्थल के लिए भूमि का आवंटन लिखित रूप से लिया जाए। जब अधिकारियों ने लिखित में यह दे दिया, तब परिजनों ने जाम खोला। इसके बाद पूरे सैनिक सम्मान के साथ सैनिक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर पर अधिकारियों व राजनेताओं ने पुष्प चढ़ाए। संवाद