न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदराराऊ पर तैनात संविदा कर्मी पर लगे रिश्वतखोरी के आरोपों की विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को देगी। सीएमओ अपनी रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपेंगे। इसके बाद जिला स्वास्थ्य समिति रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करेगी। इस मामले में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमेें यह कर्मचारी रुपये गिनता हुआ दिखाई दे रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सिकंदराराऊ व उसके आसपास के क्षेत्रों में छापा मारा गया था। अधिकारियों ने कमी पाए जाने पर एक निजी अस्पताल को सीज कर दिया था। सीज होने के बाद से अस्पताल ही संचालक द्वारा उसे फिर से खुलवाने के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा था। इस बीच सीएचसी सिकंदराराऊ पर तैनात एक कर्मचारी से भी संपर्क हुआ था। आरोप है कि सीएचसी पर तैनात एक कर्मचारी द्वारा हॉस्पिटल संचालक से हॉस्पिटल की सील खुलवाने के बदले में अधिकारियों के नाम पर मोटी रकम की मांग की गई। जो बाद में 20 हजार रुपये तक पहुंच गई थी।
हॉस्पिटल संचालक द्वारा सीएचसी पर ही एक कर्मचारी को 20 हजार रुपये दिए गए। इसका किसी ने वीडियो बना लिया और इसे वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में कर्मचारी रुपये गिनता हुआ साफ देखा जा सकता है। इस मामले के संज्ञान में आने के बाद विभाग सक्रिय हो गया और अब आरोपी कर्मचारी को सीएचसी सादाबाद भेज दिया गया है। तीन सदस्सीय टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि सीएचसी सिकंदराराऊ पर तैनात एक कर्मचारी का पैसे लेते हुए वीडियो संज्ञान में आया है। जिसे लेकर इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बीसीपीएम रामसिंह के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राम सिंह को सिकंदराराऊ से हटाकर सीएचसी सादाबाद भेजा गया है। संवाद