संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगारों को 45 करोड़ रुपये से रोजगार मिल सकेगा। ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से मनरेगा के तहत लेबर बजट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। इस बार में मनरेगा के तहत 13.26 लाख मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। वहीं नए जॉब कार्ड भी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के जरिये लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इसे लेकर ग्राम्य विकास अभिकरण की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विभिन्न विभागों की मदद से लेबर बजट तैयार किया गया है। इसमें विभिन्न विभागों के तहत आने वाले तमाम कार्यों को शामिल किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विभाग की ओर से 45 करोड़ रुपये का लेबर बजट निर्धारित किया गया है। नए जॉब कार्डधारकों को भी इस बार के लेबर बजट में शामिल किया जाएगा। विगत लेबर बजट के आधार पर अग्रिम वित्तीय वर्ष का लेबर बजट तैयार किया गया है।
पिछली बार 10 लाख मानव दिवस सृजित करने को लेकर लेबर बजट निर्धारित किया गया था। हालांकि शासन की ओर से इस लेबर बजट में मानव दिवसों के सृजन करने की संख्या को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस लेबर बजट में चकरोड पर मिट्टी डालना, नहरों की सफाई, पंचायत घरों में कार्य, स्कूलों में विभिन्न कार्य आदि शामिल किए गए हैं।
- शासन को 45 करोड़ रुपये का वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए लेबर बजट बनाकर स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। इस बार विगत की उपेक्षा में करीब तीीन लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। इस बार 13.26 लाख मानव दिवस मनरेगा के तहत सृजित किए जाएंगे। - एके मिश्र, परियोजना निदेशक