न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसबुधवार की देर शाम शहर के मोहल्ला मधुगढ़ी से गैस रिफलिंग के दौरान बरामद किए गए 31 गैस सिलिंडरों के मामले में कई राज खुलने अभी बाकी है। यह सिलिंडर कहां से आए, इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड कौन है, सिलिंडर किस उपभोक्ता की किताब पर लिए गए हैं पूर्ति विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। टीम को बताया गया कि यह कमरा शौकत अली नाम के व्यक्ति ने किराए पर लिया था।
बुधवार की देर शाम शहर के मोहल्ला मधुगढ़ी से गैस रिफलिंग के दौरान बरामद किए गए 31 गैस सिलिंडरों के मामले में कई राज खुलने अभी बाकी है। यह सिलिंडर कहां से आए, इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड कौन है, सिलिंडर किस उपभोक्ता की किताब पर लिए गए हैं पूर्ति विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि मोहल्ला मधुगढ़ी के एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफलिंग का काम चल रहा था। सूचना पर पूर्ति विभाग ने पुलिस फोर्स के साथ छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान विभाग ने 31 सिलिंडर जब्त किए थे। विभाग ने नबंर प्रिंट करने की मशीन, डिजिटल तराजू आदि सामान बरामद किया। टीम को बताया गया कि यह कमरा शौकत अली नाम के व्यक्ति ने किराए पर लिया था। अब इस मामले में कई पहलु अनसुलझे हुए बने हुए हैं।
पूर्ति विभाग की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए डीएम को पत्रावली भेजी गई है। वहीं यह सिलिंडर किस गैस एजेंसी से आए थे और किन उपभोक्ताओं की किताब पर लिए गए थे, यह अभी सवाल बना हुआ है। यहां तक कि इस गोरखधंधे के पीछे मास्टर माइंड कौन है, यह भी जांच का पहलु बना हुआ है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव राज यादव ने बताया कि इस मामले में विभागीय जांच भी की जाएगी। वहीं जल्द ही एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। संवाद