न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस समय सर्पदंश के मामला ज्यादा आ रहे है और सर्पदंश की वजह से कई मौतें भी हो चुकी हैं। अक्सर सर्पदंश के मामले में देहात में लोग बायगीरों को चक्कर में फंस जाते हैं। साथ ही दहशत में भी लोगों की जान चली जाती है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.आरपी सिंह का कहना है कि सांप काटने पर तबियत बिगड़ने का इंतजार नहीं करें, बल्कि इमरजेंसी उपचार के लिए मरीज को अस्पताल ले जाएं। जिस जगह सांप ने काटा है, उस स्थान को बिल्कुल नहीं हिलाएं। खून को बहने दें। खून रोकने के लिए बीटाडीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और जितना संभव हो व्यक्ति को स्थिर रखें। घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें। सांप के काटने के समय का ध्यान रखें। किसी भी तरह की झांड-फूंक कराने में समय बर्बाद न करें। संवाद
सर्पदंश से यह लक्षण पैदा हो सकते हैं
जहरीले सांप के काटने से बॉडी में कई तरह के लक्षण पैदा हो सकते हैं। जैसे काटने वाली जगह पर दर्द और सूजन, ऐंठन, मतली, उल्टी, अकड़न या कंपकंपी, एलर्जी, पलकों का गिरना, घाव के चारों ओर सूजन, जलन, लाल होना, त्वचा के रंग में बदलाव, दस्त, बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, मांसपेशियों की कमजोरी, प्यास लगना, लो बीपी, घाव से खून बहना, बहुत पसीना आना और अंगों के आसपास के हिस्से का सुन्न पड़ना शामिल है।
धान की फसल उठाते वक्त युवक को सांप ने डसा
हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव सूरजपुर निवासी शिवशंकर पुत्र कुंवरपाल सिंह बृहस्पतिवार की सुबह अपने खेत से धान की फसल उठा रहा था। इस बीच सांप ने उसे डस लिया। उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका कई घंटे तक उपचार चला। संवाद