न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में पति व सास को दोषी मानते हुए सात-सात साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सादाबाद में सुखराम निवासी मड़नई थाना सादाबाद ने यह तहरीर दी कि उसने अपनी बेटी प्रियंका की शादी 29 अप्रैल 2017 को दीपक पुत्र नरोत्तम निवासी जंगला मौजा कजरौठी थाना सादाबाद के साथ की थी। शादी में दिए गए दहेज से दीपक व उसकी मां रामवती खुश नहीं हुए। दहेज में एक भैंस और अन्य सामान की मांग को लेकर पति दीपक व सास रामवती प्रियंका का उत्पीड़न करने लगे। कई बार मारपीट कर उसे मायके छोड़ गए।
इस बीच प्रियंका ने एक बेटी को भी जन्म दिया। छह सितंबर 2020 को शाम करीब पांच बजे सुखराम को सूचना मिली कि उसकी बेटी प्रियंका मर गई है। सुखराम परिवार के लोगों के साथ गांव जंगला पहुंचा तो घर के आंगन में प्रियंका की लाश रखी थी। पति दीपक, सास रामवती व अन्य ससुरालीजन लापता थे। सुखराम ने पुलिस को सूचित किया। सुखराम की तहरीर पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के बाद विवेचना अधिकारी ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश मृदुला कुमार के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने आरोपी पति व सास को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए इन्हें सात-सात साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी (क्रिमनल) हरिओम शर्मा ने पैरवी की। संवाद