न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कागजों में भले ही जिला महिला अस्पताल में सात डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन यह अस्पताल एक ही डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। इसका नजारा बुधवार को साफतौर पर देखने को मिला। एक ही डॉक्टर इमरजेंसी और ओपीडी का जिम्मा संभाले हुए थीं। वहीं एक दूसरे डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कर रहे थे और वहां महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि जो लोग पैसे दे देते हैं, उनके अल्ट्रासाउंड जल्दी हो जाते हैं।
मंगलवार को जिला महिला अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आईं महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी, क्योंकि यहां पर मात्र एक महिला चिकित्सक (डॉ. मंजूरानी ) थीं और उन पर इमरजेंसी, भर्ती वार्ड, सीजेरियन और ओपीडी सभी का जिम्मा था। ऐसे में वह किस ड्यूटी को निभाएं, यह बात वह खुद नहीं समझ पा रहीं थीं, क्योंकि इमरजेंसी में भी उनके पास रोगियों की भीड़ लगी हुई थी।
प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भी वह देख रहीं थीं। ऐसे में ओपीडी की महिला रोगियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां तैनात एक चिकित्सक पर निजी अस्पतालों में जाकर प्रैक्टिस करने का भी आरोप है। यह बात विभागीय अधिकारियों की नजर में भी है, लेकिन इस बात को लेकर सभी चुप्पी साधे हुए हैं। संवाद
मरीजों का दर्द
सुबह छह बजे अस्पताल आई हूं, लेकिन यहां 12 बजे तक भी मेरा अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया है, जबकि देर से आने वाली कुछ महिलाओं के अल्ट्रासाउंड पैसे लेकर जल्दी कर दिए गए।
- माधुरी शर्मा, निवासी मुगरिया
घर से यह सोचकर जल्दी आए थे कि अस्पताल में जल्द नंबर आ जाएगा, लेकिन यहां तो अल्ट्रासाउंड कराने के लिए घंटों इतजार करना पड़ रहा है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- मदीना, निवासी महमूदपुर
यहां तो अल्ट्रासाउंड वाले डॉक्टर मनमानी करते हैं। उनसे ज्यादा कुछ कहो तो पर्चा फेंक देते हैं, इसलिए क्या करें। मजबूरी में काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
-भारती, निवासी साकेत कॉलोनी
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कितने भी जल्दी आएं, लेकिन यहां पर नंबर देर में ही आता है। पता नहीं जल्दी आने पर भी देर में नंबर क्यों आता है। यहां कोई सुनने व देखने वाला नहीं है।
-काजल, निवासी नयावास
मैंने हाल ही में चार्ज लिया है। अस्पताल में कुल सात चिकित्सक तैनात हैं। यहां क्या-क्या अव्यवस्थाएं हैं, उनके बारे में पता करके निदान कराए जाने का प्रयास करूंगी। अस्पताल आने वाली महिलाओं को अच्छा उपचार मिले, यही मेरा प्रयास रहेगा। रही बात एक डॉक्टर के लंबे समय से छुट्टी पर रहने की तो इसके बारे में भी पता किया जाएगा।
-डॉ. शैली सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल।