संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बारिश का मौसम बिजली सिस्टम के लिए खलनायक बन गया है। बारिश के दौरान हो रहे फॉल्ट की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। बुधवार को बारिश के दौरान कई स्थानों पर फॉल्ट हो गए। इस कारण लोगों को करीब चार से पांच घंटे लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोगों में गुस्सा है।
उल्लेखनीय है कि एक तरफ प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर बिजली देने की बात कह रही है, लेकिन दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शहर, देहात और कस्बों में लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। बुधवार को शहर के गिजरौली, नवीपुर, कांशीराम टाउनशिप, प्रगतिपुरम आदि विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट के कारण कई घंटे लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।
वहीं देहात के चंदपा, ऊघई, सलेमपुर, वाहनपुर, नगला रति आदि विद्युत उपकेंद्रों से जुड़ी बिजली की लाइनों में भी खराबी आ गई। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उद्योग-धंधे और अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है फॉल्ट की समस्या को दूर करने के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए गए हैं।
बिजली कटौती से पूरा काम-धंधा ठप हो जाता है। कई घंटे लगातार बिजली नहीं आती और इसकी वजह से सभी परेशान रहते हैं। विद्युत महकमे के अधिकारियों को बताया जाता है, लेकिन समय पर समस्या दूर नहीं होती।
-पंकज अग्रवाल
रोजाना कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है और वह भी अघोषित। लोग काफी परेशान हैं। कभी ट्रांसफॉर्मर फुंक जाता है तो कभी फॉल्ट हो जाता है। बिजली की जर्जर लाइनें भी विद्युत कटौती की मुख्य वजह हैं।
- कपिल वार्ष्णेय
शहर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती हो रही है। इस कारण उद्योग-धंधे प्रभावित हैं और सिंचाई कार्य भी। बिजली महकमे के अधिकारियों से शिकायत की जाती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
- राजेश पंडित
बिजली महकमा जर्जर लाइनों को बदलवाए और ऐसी व्यवस्था कराए कि यदि कहीं लोकल फॉल्ट हैं तो इन्हें जल्द से जल्द सही कराया जा सके। लोकल फॉल्ट काफी देर में ठीक कराए जाते हैं।
- श्यामसुंदर