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हाथरस : गड़बड़झाला : पांच हजार मुर्दे भी प्रधानमंत्री सम्मान निधि से 'मालामाल'

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प्रशांत भारती
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हाथरस। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 5,148 मृतक किसान योजना का लाभ ले रहे थे। इनके अलावा सरकारी चिकित्सक, इंजीनियर और भूमिहीन व्यक्ति भी किसान के रूप में योजना का लाभ ले रहा था। कृषि विभाग द्वारा कराए गए सोशल ऑडिट में यह हकीकत खुलकर सामने आई है। अब विभाग की ओर से इन मृतक व अपात्रों का खाते पर रोक लगाते हुए अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को तिमाही धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसान अपने खेत में बीज व अन्य दवाएं आसानी से खरीदकर लगा सकें। योजना के तहत किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इनके सापेक्ष भारत सरकार की ओर से किसानों को योजना का लाभ देना शुरू कर दिया गया। जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 1.90 लाख किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। इसके बाद कृषि विभाग के साथ साथ प्रशासन को अपात्रों द्वारा योजनाओं का लाभ लिए जाने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इनकी जांच में अपात्र सामने भी आए। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग की ओर से टीमें गठित कर गांव लाभार्थियों का ऑडिट शुरू करा दिया गया।
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इस ऑडिट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इनको देखकर विभागीय अधिकारी भौचक्के रहे गए। इन आंकड़ों में सबसे ज्यादा मृतक सामने आए। मृतकों के खातों में लगातार सरकार की ओर से निधि की किस्त भेजी जा रही थी। जिले में विभाग को 9,053 अपात्र मिले। इनमें से 5,148 लाभार्थी मृतक मिले। इन लाभार्थियों के खातों पर रोक लगाई जा रही है। वहीं विभाग की ओर से इन अपात्रों के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है, जिससे अग्रिम किस्त इन खातों में न भेजी जा सके। संवाद
अपात्रों की संख्या 9053
मृतक 5148
आयकरदाता 210
भूमिहीन किसान 920
पेंशन भोगी 945
चिकित्सक, इंजीनियर, सीए आदि 25
केंद्रीय व राज्य कर्मचारी 384
वर्तमान व भूतपूर्व पदस्थ सदस्य 09
परिवार में एक अधिक सदस्य 1261
अन्य 151
अब शेष पात्रों के भूमि अभिलेखों की कराई जा रही जांच
हाथरस। कृषि विभाग की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ लेने वाले किसानों का ऑडिट कराया गया। ऑडिट में बड़ी संख्या में अपात्र सामने आए हैं। अब कृषि विभाग की ओर से अपात्रों के नामों को हटाकर बचे किसानों के भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। इसे लेकर सभी तहसीलों को संबंधित किसानों का डाटा भेज दिया गया है।
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शासन के निर्देश पर विभाग के कर्मचारियों द्वारा सोशल ऑडिट कराया गया था। ऑडिट में मृतक, आयकरदाता, भूमिहीन किसान, पेंशनभोगी के साथ साथ सरकारी कर्मचारी भी योजना का लाभ लेते हुए मिले हैं। इन सभी अपात्र की सूची में शामिल कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी गई है।
-हंसराज, उपकृ़षि निदेशक
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