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हाथरस : सरगना व एक सदस्य को लिया रिमांड पर, बच्चे की खोपड़ी के अवशेष बरामद

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसमथुरा में पकड़े गए बच्चा चोर गिरोह के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं।जीआरपी मथुरा द्वारा दबोचे गए इस गैंग के आठ में से छह सदस्यों हाथरस के थे।ऐसे में इस शिशु को इस गिरोह ने पार्षद विनीता अग्रवाल व उसके पत्नी को सौंप दिया था लेकिन इस बच्चे की तबियत बिगड़ गई थी।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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मथुरा में पकड़े गए बच्चा चोर गिरोह के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। लंबे समय से यह गिरोह बच्चा चोरी में लिप्त रहा है और पूरे नेटवर्क के साथ बच्चों को चोरी कर उसे बेचता था। अब कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने इस गिरोह के सरगना चिकित्सक और उसके एक साथी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की और इनकी निशानदेही पर मृत बच्चे की खोपड़ी के अवशेष बरामद किए हैं। इस बच्चे के शव को गिरोह ने हाथरस मंडी समिति के पीछे दफन कर दिया था। इसे पोस्टमार्टम व डीएनए जांच के लिए भेजा है।
उल्लेखनीय है कि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से 23 अगस्त की रात्रि में एक महिला के सात माह के बच्चे को एक शातिर ने चुरा लिया था। इसके बाद 29 अगस्त को जीआरपी मथुरा बच्चा चोर गिरोह पकड़ा था। पूरे मामले का खुलासा किया था तो यह बात सामने आई थी कि इस बच्चे को हाथरस के नवल नगर निवासी दीप कुमार शर्मा ने चुराया था। जीआरपी ने यह बच्चा फिरोजाबाद की पार्षद विनीता अग्रवाल के यहां से बरामद किया था। उसने यह बच्चा दो लाख रुपये में खरीदा था। जीआरपी मथुरा ने इस बच्चे को सकुशल बरामद कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। बच्चा चोर गैंग का सरगना हाथरस का चिकित्सक दंपती निकला।
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हाथरस के गोकुलधाम कॉलोनी निवासी डॉ. प्रेमबिहारी और उसकी पत्नी डॉ. दयावती बच्चा मानव तस्करी का गैंग चलाते थे। मथुरा जीआरपी ने दीप कुमार, डॉ. प्रेमबिहारी, उसकी पत्नी डॉ. दयावती के अलावा हाथरस की दो आशा कार्यकर्ता पूनम व विमलेश, फिरोजाबाद नगर निगम की पार्षद विनीता अग्रवाल, उसके पति कृष्णमुरारी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। जीआरपी मथुरा द्वारा दबोचे गए इस गैंग के आठ में से छह सदस्यों हाथरस के थे। बच्चा चोर गैंग का सरगना डॉ. प्रेमबिहारी व उसकी पत्नी दयावती थी।
यह दोनों हाथरस के स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत थे और हाथरस के नवल नगर व हाथरस जंक्शन कस्बे में अपना निजी अस्पताल भी चलाते थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही प्रशासन ने इनके दोनों अस्पताल सील कर दिए थे। इन अस्पतालों में मानव तस्करी का पूरा रैकट चलता था। संवाद
अविवाहित महिला की कोख से जन्मा था बच्चा, बीमारी से हो गई थी मौत
हाथरस। इस गैंग की गिरफ्तारी के बाद से ही यहां की पुलिस भी सक्रिय हो गई थी। पुलिस ने शनिवार को इस गिरोह के सरगना डॉ. प्रेमबिहारी व गिरोह के एक सदस्य संतोष को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस सिलसिले में हाथरस गेट पुलिस ने धारा 304, 201, 120 बी व 81 किशोर न्याय (जेजे एक्ट) के तहत मुकदमा भी दर्ज किया।
पूछताछ के बाद यह बात सामने आई कि इस चिकित्सक ने एक अविवाहित महिला की डिलीवरी अगस्त के माह में अपने हॉस्पिटल में की थी। महिला वहां इस शिशु को छोड़कर चली गई थी। इधर, काफी समय से फिरोजाबाद की भाजपा पार्षद विनीता अग्रवाल व उसका पति कृष्णमुरारी इस गैंग के संपर्क में थे। विनीता अग्रवाल के बेटा नहीं था और एक बेटा चाहती थी। ऐसे में इस शिशु को इस गिरोह ने पार्षद विनीता अग्रवाल व उसके पत्नी को सौंप दिया था लेकिन इस बच्चे की तबियत बिगड़ गई थी। ऐसे में इस बच्चे को पार्षद के पति कृष्णमुरारी ने बीमारी की हालत में गैंग के सरगना डॉक्टर को वापस कर दिया था।
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इस बच्चे की मौत हो गई थी तो गैंग लीडर प्रेमबिहारी व उसके गिरोह ने इस बच्चे के शव को हाथरस मंडी समिति के पीछे झाड़ियों में दफन कर दिया था। अब रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने गैंग लीडर और उसके साथी संतोष से पूछताछ के बाद दोनों की निशानदेही पर मानव शिशु की खोपड़ी के अवशेष प्राप्त किए। प्राप्त अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। 24 घंटे के रिमांड के बाद हाथरस गेट कोतवाली पुलिस इन्हें रविवार की शाम को मथुरा जेल में निरुद्ध कर आई। संवाद
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