हाथरस : शहर के नयागंज चौराहे पर झूलते जर्जर तार। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दिवाली के त्योहार पर उपभोक्ताओं को बिजली दगा दे सकती है। रोशनी के इस त्योहार पर बिजली की खपत बढ़ जाती है। शहर से देहात तक तार जर्जर हालत में हैं। विभागीय अधिकारी राजस्व वसूली के काम में जुटे हैं। जिले में 581 किलोमीटर लाइनों की मरम्मत होनी है, लेकिन विभाग को इसकी सुधि नहीं है। इस कारण लोगों को दीपोत्सव के त्योहार पर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि जिले को 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से विभाग में संसाधनों का भी अभाव है। दीपोत्सव के पर्व की शुरुआत 23 अक्तूबर धनतेरस से होगी। शहर से देहात तक बिजली के तार जगह-जगह झूल रहे हैं या फिर जर्जर हालत में हैं।
ट्रांसफॉर्मरों के पास भी गंदगी के अंबार हैं। इन-दिनों विभागीय अधिकारी राजस्व वसूली के काम में जुटे हुए हैं। बीते महीने में 90 करोड़ के सापेक्ष विभाग 32 करोड़ रुपये ही वसूल सका है। अब अक्तूबर माह में राजस्व के काम में व्यस्त होने के कारण विभागीय अधिकारी लाइनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए दिवाली के त्योहार पर लोगों को बिजली दगा दे सकती है। संवाद
यह होने हैं कार्य
ट्रांसफॉर्मरों के ऑयल की कमी को पूरा करना। डबल पोल के जर्जर जंफर की रिपेयरिंग करना, एलटी पेटी की मरम्मत, फ्यूज बदलना, जर्जर बैक एंट्री एवं लग्स लगाना, कटी-पिटी एबीसी को बदलना, ट्रांसफॉर्मर को संतुलित करने आदि काम राजस्व वसूली के चलते लटके हुए हैं। अधीक्षण अभियंता ने दिवाली से पहले लाइनों को दुरुस्त करने के लिए सभी अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। मौसम खुलने के साथ काम में जुट जाए। लाइनों का रखरखाव सही तरीके सुनिश्चित कर लें।