न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मौसम के बदले रुख के चलते आलू और सरसों की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। दो दिनों से चटक धूप के बावजूद सर्द हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं के रुकने के बाद कोहरा दस्तक दे सकता है। इसका असर आलू और सरसों की फसल पर ज्यादा देखने को मिलेगा। सर्दी से फसल के बचाव के लिए किसानों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। ऐसे में कोहरे की दस्तक फसल को प्रभावित कर सकती है, जिससे निपटने के लिए किसान आग और पानी का सहारा ले रहे हैं।
शनिवार को सुबह के वक्त मौसम साफ देखकर किसान काफी खुश थे, लेकिन अचानक मौसम ने करवट बदली और बादल छा गए। यह देखकर किसान परेशान हो गए। शाम तक मौसम इतना बर्फीला हो गया कि आलू और सरसों की फसल में पाला लगने का डर सताने लगा। सर्द हवाओं के ठहराव के साथ कोहरे की चपेट में आने से सरसों और आलू की फसल में नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि हवा के करवट लेने के साथ गलन बढ़ी है। एक दो दिन में मौसम में और ज्यादा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। ऐसे में आलू की फसल को पाले का डर है, इसलिए किसान पाले से आलू की फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। खेत के चारों ओर धुआं करें, जिससे तापमान थोड़ा बढ़ेगा और पाले से फसल कुछ हद तक सुरक्षित रह सकेगी।
कई दिनों से दिन का मौसम गर्म व रात का मौसम गलन भरा हो रहा है। यही मौसम आलू व सरसों की फसल के लिए नुकसान दायक है।
-राजेश पचौरी, किसान
रात को मौसम काफी ठंडा हो गया है। ऐसे में आलू की फसल को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर रहे हैं, जिससे फसल सुरक्षित रह सके।
-अंकित सिंह, किसान
सर्द हवा चलने से मौसम काफी बर्फीला हो गया है, जिससे आलू की फसल में नुकसान होने का डर है। उसी से बचाव के उपाय कर रहे हैं।
-कुलदीप कुमार, किसान
तीन चार दिन से दिन व रात के मौसम में काफी बदलाव हो गया है। दिन में काफी ठंडी हवा चल रही है, जिससे रात को मौसम गलन भरा हो गया है।
-राजेश कुमार, किसान