न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
आवारा पशुओं के कहर, महंगी बिजली व कृषि उपकरण और खाद की किल्लत जैसी समस्याओं से जूझ रहे किसानों पर मौसम ने दोहरी मार मारी है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले बारिश ने केवल किसानों की फसल को ही चौपट नहीं किया है, बल्कि उनके अरमान भी धो डाले हैं। कई दिन हुई बारिश से किसान की फसलों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है। ऐसे में किसानों की दिवाली इस बार फीकी रहने के आसार हैं।
किसानों के पास उन्नत फसल से बड़ा कोई धन नहीं है। भारी बारिश के बाद फसलें जलमग्न हुईं तो किसानों का दिल बैठ गया। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फसलें जलमग्न होने से निश्चित ही इनकी पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। कुछ किसानों की तो मेहनत पर पूरी तरह पानी भर गया है। बाजरा और धान की फसल बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बिसावर क्षेत्र में बारिश के अलावा रजबहा की पटरी कट जाने से बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। दिवाली नजदीक है। फसलों को हुए नुकसान के बाद किसान त्योहार मनाने को देख रहे हैं। फसलों को जिस हद तक नुकसान पहुंचा है, उससे लगता है कि इस बार किसानों की दिवाली की चमक हल्की रहेगी। संवाद
अन्नदाता का दर्द
बारिश ने इस बार दिवाली की खुशियों में खलल डाल दिया है। फसलों में नुकसान से किसान चिंतित हैं, क्योंकि किसानों के पास फसल से ज्यादा कुछ नहीं होता।
-अर्जुन सिंह, नौपुरा
इस बार दिवाली कैसे मनेगी, फसलों को नुकसान होने से किसान ही नहीं, परिवार के लोग भी दुखी हैं। पैदावार कम होगी, तो खर्चे भी हिसाब से करने पड़ेंगे।
-लोकेंद्र सिंह, बरामई
सरकार को दिवाली के मौके पर खराब फसल के लिए मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए। इससे किसानों के लिए दिवाली की खुशियां बढ़ सकती हैं। किसान बहुत परेशान हैं।
-दिनेश कुमार
किसानों के लिए पहले के मुकाबले फसल उगाना बहुत महंगा हो गया है। बहुत खर्चे होते हैं, लेकिन इस बार बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है।
-दाऊदयाल