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हाथरस : वर्षों बाद भी कलवारी में नहीं बना नाला, जलभराव से जूझ रहे लोग

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हाथरस : एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान में जलभराव। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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वर्षों बीतने के बाद कलवारी और आगरा रोड पर नाले का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण जलभराव लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है। उद्योग बंधु की बैठक में भी नाला निर्माण की मांग की गई। इस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। इस कारण आमजन से लेकर उद्यमी तक मुश्किलों के बीच जीवन यापन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है भले ही हाथरस को जिला बने 25 साल गुजर गए हैं, लेकिन खास बात यह है कि आज तक यहां कई इलाकों में पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस कारण बिन बारिश के खाली स्थानों पर पानी हिलोरे मारता रहता है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
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कलवारी में नाला निर्माण पर नहीं किसी का ध्यान
कलवारी रोड पर छोटी-बड़ी करीब 10 फैक्टरियां हैं। इन उद्यमियों ने उद्योग बंधु की बैठक में नाला निर्माण की मांग की। इस दौरान कभी जिला पंचायत, कभी डूडा तो कभी नगर पालिका के पाले में नाला निर्माण की गेंद गई।
उद्यमियों की यह योजना था कि कलवारी में नाला बनने के बाद गंदे पानी की निकासी को मुख्य मार्ग पर नाला निर्माण करते हुए आगे जोड़ जाए। न तो कलवारी में नाला बना है और न हीं आगरा रोड पर। इस कारण यहां का पानी एमजी पॉलिटेक्निक के मैदान में भरा हुआ है। उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी भी इधर-उधर हिलोरे मार रहा है। नाला निर्माण की योजना कागजों में सिमट गई है। इसे लेकर उद्यमियों में खासा गुस्सा है।
उद्योग बंधु की बैठक में कलवारी मार्ग पर नाला निर्माण की मांग की गई। कई साल बाद नाला निर्माण सरकारी तंत्र के बीच फंसा हुआ है। कलवारी मार्ग पर करीब छोटी-बड़ी 10 फैक्टरियां हैं। नाला निर्माण न होने से पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-मनोज अग्रवाल, उद्यम
नाला निर्माण के लिए डीएम स्तर से बजट भी जारी किया गया। इसके बाद भी गिजरौली में नाला निर्माण का कार्य आज भी लटका हुआ है। यह पानी एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान में भरा हुआ है। पानी निकासी न होने के खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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-राधे सिंह, पूर्व प्रधान गिजरौली
नाला निर्माण होने बहुत जरूरी है। नाला निर्माण होने से एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान से जलभराव खत्म होगा। युवाओं के खेलने के लिए मैदान का प्रयोग होगा, जिससे प्रतिभाओं में निखार होगा। जलभराव दिनचर्या में शामिल हो गया है। इस कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-प्रशांत शर्मा, स्थानीय निवासी
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