न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में जाम की समस्या एक बार फिर लोगों के लिए नासूर बन रही है। तालाब चौराहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद भी जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही। शहर के मोहनगंज चौराहे से लेकर घंटाघर तक इस कदर जाम लगता है कि वाहनों का कारवां रेंग-रेंगकर आगे बढ़ पाता है। ओवरब्रिज के निकट बना सर्विस रोड भी बदहाल है। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर की सड़कें दिन निकलने के साथ अतिक्रमण के चलते संकरी हो जाती है। इस वजह से मुख्य बाजारों में लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। शहर के तालाब चौराहे पर जाम से निजात के लिए दो साल पहले ओवरब्रिज बन चुका है। इसके बाद जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के मोहनगंज व घंटाघर चौराहा पर हर रोज सुबह से शाम तक वाहनों की लाइन लगती है। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण यातायात कर्मियों को जाम खुलवाने में भी मशक्कत करनी पड़ती है।
ओवरब्रिज से पहले रुकते वाहन भी जाम कारण
शहर के तालाब चौराहा पर बने ओवरब्रिज से पहले रोडवेज बसें व अन्य वाहन रुक जाते हैं। इस कारण भी जाम लगना आम बात है। इसके अलावा ओवरब्रिज के निकट दोनों ओर बने सर्विस रोड पर भी अतिक्रमण है। मार्ग जर्जर हालत में है। इस कारण लोगों को गंतव्य की दूरी तय करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
खराब होने के कारण सुपुर्दगी में नहीं लिया सर्विस रोड
तालाब चौराहे पर बने ओवरब्रिज को लोक निर्माण विभाग ने इस कारण अपनी सुपुर्दगी में नहीं लिया है, क्योंकि यहां बना सर्विस रोड जर्जर हालत में है। पुल पर स्पीड से संबंधित संकेतक नहीं लगे है। इस कारण लोनिवि इसे सुपुर्दगी में लेने से कतरा रहा है। आए-दिन ओवर ब्रिज के अंधे मोड़ पर लोग जख्मी भी हो रहे हैं।
ओवरब्रिज बनने के बाद जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। घंटाघर चौराहे पर सुबह से शाम तक जाम रहता है। इस कारण आवागमन में खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
-मोनू, राहगीर
घंटाघर चौराहे पर अतिक्रमण है। इस कारण मार्ग वहां संकरा भी हो रहा है। जाम लगने का सबसे बड़ा कारण यह भी है। जाम की समस्या को दूर करने के लिए नगर पालिका व प्रशासन को पहल करनी चाहिए, ताकि आवागमन सुगम रहे।
-राजू, राहगीर
ओवरब्रिज बनने के बाद सोचा था कि जाम की समस्या खत्म होगी। जाम आगे बढ़ गया है। घंटाघर चौराहे से दूरी तय करने में जाम के चलते काफी समय बर्बाद होता है। जाम के निजात के लिए अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। -रामू, राहगीर
हकीकत यह है कि शहर के लिए जाम नासूर बन गया है। मुख्य बाजारों से लेकर राजमार्ग पर जाम लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है। जाम की समस्या को दूर करने के लिए अधिकारियों को कदम उठाने चाहिए।
-धर्मेंद्र राहगीर