न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले की 32 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण कार्य प्राक्कलन की स्वीकृति न होने के कारण अटके हुए हैं। हैरानी की बात है यह है कि शासन स्तर से सभी पंचायत भवनों में रखे कंप्यूटर सिस्टम के जरिये पंचायत गेटवे से ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के भुगतान किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्राक्कलन की फाइलें कई महीनों से विकास खंड से जिला कार्यालय के बीच ही झूल रही हैं। इस कारण इन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।
शासन के निर्देश पर जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण किया जा रहा है। इन पंचायत घरों को पंचायत निदेशालय के रुप में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिवालयों को सभी सुविधाओं से युक्त किया जाए। इन सचिवालयों में लगे कंप्यूटर के जरिये पंचायत गेटवे से ही विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि का भुगतान किया जाए।
जिले की 32 ग्राम पंचायतों में तो अभी पंचायत भवनों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इन पंचायत भवनों के निर्माण के प्राक्कलन विकास खंडों की ओर से जिला कार्यालय भेजे जा रहे हैं, लेकिन इनको हर बार आपत्ति दर्ज कर वापस भेज दिया जाता है। कई महीनों से यह फाइलें ब्लॉक से जिला कार्यालय के बीच झूल रहीं हैं। इस कारण इन पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण लटका हुआ है। संवाद