इस कारण लोगों को पांच से छह घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। विभागीय कर्मी आपूर्ति को सुचारु करने में जुटे रहे।उल्लेखनीय है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक लोगों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। शनिवार को बारिश के चलते शहर के गिजरौली, ओढ़पुरा, प्रगतिपुरम, कांशीराम टाउनशिप व देहात के सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, चंदपा, मुरसान, उघई आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए।
बारिश के चलते शनिवार को शहर से देहात तक बिजली की लाइनों में फॉल्ट हुए। इस कारण लोगों को पांच से छह घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर सके। लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ा। विभागीय कर्मी आपूर्ति को सुचारु करने में जुटे रहे।
उल्लेखनीय है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक लोगों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। एक-एक लाइन से कई-कई बिजलीघर चल रहे हैं। बिजली की लाइनें भी जर्जर हैं। इस कारण जरा सा लोड पड़ने के साथ बिजली की लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
शनिवार को बारिश के चलते शहर के गिजरौली, ओढ़पुरा, प्रगतिपुरम, कांशीराम टाउनशिप व देहात के सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, चंदपा, मुरसान, उघई आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए। इस कारण लोगों को पांच से छह घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। बिना बिजली के लोगों के घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने रहे। कल कारखानों की मशीनें थमी रही। संवाद