न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वायरल बुखार का कहर बड़ों के साथ बच्चों पर भी टूट रहा है। ग्रामीण इलाके में इसका प्रकोप अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इसकी चपेट में अब तक कई बच्चे आ चुके हैं। बीमारी के कारण बच्चों में तेज बुखार, खांसी अ ौर कफ जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव भी इसका प्रमुख कारण है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग गई। यहां बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल बुखार से पीड़ित नजर आए। जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर, डॉक्टरों के कमरे, दवा काउंटर, खून जांच केंद्र और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर खासी भीड़ नजर आई। यहां करीब 1500 नये मरीज पहुंचे। इनमें करीब 300 बच्चे थे। ज्यादातर बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित नजर आए।
तेजी से फैल रहा वायरल फीवर
वायरल बुखार से बीमार बच्चों को देख रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि इसका प्रकोप पिछले करीब 15-20 दिनों से काफी तेजी से बढ़ रहा है। हमारे पास जो बीमार बच्चे आ रहे हैं, उनमें से 90 से 92 प्रतिशत वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और बुखार से ग्रसित हैं। 15 से 20 दिनों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण लोगों में तत्परता है।
पिछले साल के मुकाबले ज्यादा मरीज
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल बुखार का प्रकोप इतना है कि अगर पिछले साल से तुलना करें तो इस साल मरीजों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका अंदाजा जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे बुखार के मरीजों की संख्या से लाया जा सकता है। डॉक्टर बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दे रहे हैं।
माता-पिता में बीमारी को लेकर डर
अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने पहुंच रहे परिजनों में वायरल बुखार को लेकर डर है। अचानक कुछ दिनों से वायरल बुखार का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। अधिकांश घरों में बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण दिख रहे हैं। लोग डॉक्टर के यहां बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। जहां बच्चे का इलाज करा रहे हैं, लेकिन बुखार कभी काफी तेजी से बढ़ जाता है तो कभी कम हो जाता है। ऐसे में बच्चों को लेकर हम लोगों में डर बना रहता है। इसी वजह से लोग सुबह से शाम तक डॉक्टर के क्लीनिक में रहते हैं, क्योंकि ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
बेटी को बुखार आ रहा था। उसे दवा भी दिलवा दी, लेकिन फायदा न होने पर उसे अस्पताल दवा दिलवाने आई हूं।
-नीलम, बीमार बच्चे की मां।
कई दिनों से बुखार आ रहा है। दवा भी ले ली, लेकिन ठीक नहीं हुई, इसलिए अब अस्पताल से दवा लेने आई हूं।
-सुधा, मरीज
बृहस्पतिवार को करीब 2000 मरीज अस्पताल में आए थे। इनमें करीब 300 बच्चे थे। ज्यादातर वायरल बुखार वाले मरीज थे। हमारे पास उपलब्ध साधनों के अनुसार सभी को उपचार दिया जा रहा है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल