संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
नगर पालिका परिषद द्वारा ढकपुरा रोड पर लगने वाले अस्थायी व साप्ताहिक बाजार में व्यवसाय करने वाले दुकानों से किराये व लाइसेंस शुल्क की रकम पिछले चार माह से पालिका के कोष में जमा न होने के मामले में डीएम रमेश रंजन ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। डीएम ने जांच कमेटी से 10 दिन के अंदर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देेश दिए हैं। वहीं, पूरे प्रकरण पर ईओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद द्वारा ढकपुरा रोड पर लगने वाले अस्थायी व साप्ताहिक मार्केट में व्यवसाय करने वाले दुकानदारों से लाइसेंस शुल्क व किराये की वसूली में कुछ कर्मियों द्वारा गबन किए जाने को मामला सुर्खियों में आया था। इसे मामले को लेकर अमर उजाला ने खबर को प्रकाशित किया था।
वहीं, इस मामले में पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने भी जिलाधिकारी से शिकायत की थी। पालिकाध्यक्ष का कहना था कि फरवरी के बाद से नगर पालिका परिषद कोष में कोई भी धनराशि नहीं जमा हुई। जबकि प्रत्येक सप्ताह रविवार को मार्केट बदस्तूर लग रहा हैं।
मार्केट से प्रत्येक सप्ताह वसूली की जा रही है परंतु वह पालिका कोष में जमा नहीं हो रही हैं। इस मार्केट में वसूली के लिए तैनात कर्मचारियों द्वारा सरकारी धन का गबन व हेराफेरी की जा रही है। इस प्रकार विगत चार माह में लगभग 3,20,000 रुपये की वित्तीय अनियमितता व हेराफेरी की गई है।
अब इस मामले को डीएम रमेश रंजन ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। डीएम ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट विपिन शिवहरे व वरिष्ठ कोषाधिकारी सतीश कुमार को जांच कमेटी में जांच अधिकारी नामित किया है। वहीं ईओ हाथरस स्पष्टीकरण तलब भी किया है। डीएम रमेश रंजन ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।