न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोहरे में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। खास बात यह है कि आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर रात में अंधेरे का साम्राज्य रहता है। गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर प्रकाश के अलावा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। एक से दूसरे टोल तक एनएचआई की मात्र एक गाड़ी गश्त करती है।
सर्विस रोड पर जो लाइटें लगी हैं, वह भी बंद हैं। खास बात यह है कि मार्ग पर दो स्थानों पर अति आवश्यक सेवाओं के मोबाइल नंबर के साइन बोर्ड लगे हैं। इनमें से एक जर्जर हालत में है। मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस कारण मार्ग के कुछ हिस्से में सफेद पट्टी भी गायब है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि एनएच पर रुहेरी कट से लेकर नगला भुस तक 13 किलोमीटर की दूरी है। इस बीच कई गांव बाईपास से जुड़े हुए हैं। मार्ग पर दो प्रतीक्षालय बने हुए हैं। एक गांव मीतई के निकट जर्जर हालत में है। वहां बने सर्विस रोड पर लगी लाइटें चालू नहीं हैं। मार्ग पर प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण रात में सड़क पार करने के दौरान लोगों को काफी परेशानी होती है। मार्ग पर जगह-जगह ब्रेकरों की भरमार है। पड़ताल के दौरान मार्ग पर एक एनएचआई की गाड़ी मिली। गाड़ी पर तैनात कर्मियों ने बताया कि एक से दूसरे टोल तक पूरे मार्ग की पेट्रोलिंग करते हैं। कोई वाहन रास्ते में खड़ा होता है तो उसे साइड में कराते हैं। दुर्घटना की सूचना पर पहुंचते हैं। संवाद
राहगीर बोले
इस मार्ग पर जो लाइटें लगी हैं, वह भी शुरू के कुछ महीने जली थीं। अब लाइटें पूरी तरह बंद हैं। इस कारण मार्ग पर अंधेरा छाया रहता है। लाइटों को सर्दी के मौसम में सही कराया जाए, ताकि राह तय करने में आसानी हो।
-श्याम सिंह
गांव मीतई के निकट जो सर्विस रोड बना है, उसके पास एक प्रतीक्षालय बना हुआ है। इसकी टिन क्षतिग्रस्त हालत में है। मार्ग पर जो गांव जुड़े हुए हैं, उनके मोड़ पर प्रकाश व्यवस्था की जाए। ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सके। -कुलदीप कौशिक
बाईपास बनने से शहर में जाम की समस्या में काफी कमी आई है, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एचएचआई को इंतजाम करने चाहिए, ताकि रास्ता तय करने में लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें।
-विकास शर्मा
बाईपास पर पड़ने वाले मुख्य चौराहों पर सिग्नल लाइट के इंतजाम किए जाएं, ताकि आवागमन में आसानी हो। दुर्घटनाओं में कमी आए। प्रकाश व्यवस्था हर मौसम में जरूरी है। जो लाइटें लगी हैं, उन्हें चालू किया जाए।
-डॉ. विनोद पाठक