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हाथरस : छह हत्यारों को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसअपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो ने हत्या के एक मामले में छह आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 अक्तूबर 2014 को जब रवेंद्र अपने धान पीटकर खेत से वापस घर आ रहा था तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे रामकुमार, गौरव, हीरू, शिवकुमार, विनोद, रोहिताश, पवन कुमार, रविकांत, सनी, दुष्यंत निवासीगण लखूपुरा बैठे थे। इससे रविंद्र सिंह के अलावा उसका भाई बिजेंद्र सिंह, पिता विपती सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
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विस्तार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो ने हत्या के एक मामले में छह आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रवेंद्र सिंह निवासी लखूपुरा थाना चंदपा का अपने ही गांव के रामकुमार से 22 अक्तूबर 2014 को रास्ते को लेकर विवाद हो गया था। उसी दिन इन लोगों ने रवेंद्र से कहा था कि यदि घर का कोई व्यक्ति मिल जाएगा तो उसे जान से मार देंगे।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 अक्तूबर 2014 को जब रवेंद्र अपने धान पीटकर खेत से वापस घर आ रहा था तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे रामकुमार, गौरव, हीरू, शिवकुमार, विनोद, रोहिताश, पवन कुमार, रविकांत, सनी, दुष्यंत निवासीगण लखूपुरा बैठे थे। इनके हाथों में लाइसेंसी बंदूक व अन्य असलहा थे। इन सभी ने रविंद्र को घेर लिया। जब वह चिल्लाया तो रविंद्र के भाई बिजेंद्र सिंह व पिता विपती सिंह के अलावा सरजू, सोहन सिंह, किशनवीर आदि आ गए।
हमलावरों ने रविंद्र के परिजनों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इससे रविंद्र सिंह के अलावा उसका भाई बिजेंद्र सिंह, पिता विपती सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर मौके से भाग गए। रास्ते में बिजेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। विपती को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। वहां से आगरा रेफर कर दिया गया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव का पोस्टमार्टम कराया।
इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष द्वारा 10 गवाहों को परीक्षित कराया गया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में छह आरोपियों रामकुमार, गौरव, पवन, रोहिताश, विनोद व हीरू को हत्या व जानलेवा हमले का दोषी माना।
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कोर्ट ने इन सभी को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जुर्माने से वसूल की जाने वाली धनराशि में से आधी धनराशि मृतक के पिता विपती सिंह को देय होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल शर्मा ने की। संवाद
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