संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद-हाथरस।
नगला घनी में दंपती की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है। जिस तरह से घटनास्थल पर तमंचा बरामद हुआ है, उसे लेकर भी पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस इस तथ्य को भी अपनी जांच में शामिल कर रही है कि इतना सब कुछ हो गया लेकिन निकट ही सो रहे बच्चों की गोली चलने पर भी आंख क्यों नहीं खुली। राजेश व उसकी पत्नी की कनपटी पर बेहद सटाकर गोली मारी गई है। पुलिस ने दोनों बच्चों से भी पूछताछ की।
क्षेत्र के गांव नगला घनी में रविवार की मध्य रात्रि राजेश और उसकी पत्नी कुसुमा की गोली लगने से रहस्यमय परिस्थिति में हुई मौत से वहां घंटों कोहराम मचा रहा। इस वारदात में पूरे घटनाक्रम ने पुलिस को उलझा दिया। परिजनों की मानें तो राजेश व पत्नी कुसुमा और उसके बेटे दोनों बेटे के साथ घर के बरामदे में अलग अलग चारपाई पर सो रहे थे।
एक चारपाई पर राजेश, दूसरी पर बड़ा 12 वर्षीय बेटा हेमंत, तीसरी चारपाई पर पत्नी कुसुमा और उसका नौ वर्षीय छोटा बेटा हर्ष सो रहे थे। परिजनों के मुताबिक राजेश के पिता हरदम सिंह और उसकी मां जब गोली की आवाज सुनने के बाद बरामदे में पहुंचे तो राजेश जमीन पर और कुसमा चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थी।
निकट ही तमंचा भी पड़ा था। जो वारदात पुलिस को परिजनों बताई और मौके पर तमंचा मिला, उसे लेकर कई पहलुओं पर पुलिस विवेचना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को यह स्थिति अचंभित कर रही है कि दो गोलियां चल गई लेकिन दोनो में से किसी बच्चे की आंख नहीं खुली।
जबकि एक तो अपनी मां के पास ही चारपाई पर सो रहा था। वहीं यदि इनकी हत्या की गई तो आखिर मौके पर तमंचा क्यों छोड़ा गया। यहां यह तथ्य बी उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले निकट के गांव नगला बाग में हुई हत्या के मामले में राजेश के चाचा को नामजद किया गया था।
राजेश ही अपने चाचा की पैरवी कर रहा है। रविवार को राजेश और उसका भाई अपने चाचा से जेल में मिलकर भी आए थे। परिजन इसे भी हत्या की वजह मान रहे हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं को लेकर वारदात के खुलासे में लगी है।