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हाथरस : असमंजस में दावेदार, फिर भी सोशल मीडिया पर ठोक रहे ताल

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
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नगर निकाय चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण कार्य खत्म होते ही संभावित दावेदार सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, अभी आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होने से दावेदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद दावेदार अभी से बिसात बिछाने में जुट गए हैं। सोशल मीडिया पर चेयरमैन और सभासद पदों के दावेदार अभी से ताल ठोकने लगे हैं।
निकाय चुनाव के लिए कभी भी अधिसूचना जारी हो सकती है। सोमवार को मतदाता सूची के दावे और आपत्ति का आखिरी दिन होने के कारण सभी संभावित प्रत्याशियों ने खूब मेहनत की। दावेदार उन मतदाताओं पर नजर लगाए रहे जो उनके पक्ष के हैं और 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं या त्रुटिवश मतदाता सूची में उनका नाम छूट गया है। इसके लिए दावेदारों ने सोमवार को अपनी सभी ताकतें झोंक दीं। दिन भर अपने-अपने समर्थकों का नाम जुड़वाने में लगे रहे।
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इधर, मतदाता पुनरीक्षण का कार्य समाप्त होते ही कस्बे की चाय-पान की दुकानों पर चर्चा शुरू हो गई। दावेदार भी इसी बहाने अपने समर्थकों को साधने में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्टों के माध्यमों से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। हालांकि, आरक्षण को लेकर संशय बना हुआ है। आरक्षण में फेरबदल के बाद ही सामान्य, महिला, अनुसूचित व अनुसूचित महिला, पिछड़ी जाति की सीट तय होगी, फिर भी निकाय चुनाव की सरगर्मी दिखाई देने लगी है।
सोशल मीडिया पर छाए चेयरमैन और सभासद पदों के दावेदार
निकाय चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसके बावजूद चेयरमैन और सभासद के भावी उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपनी उम्मीदवारी जताना शुरू कर दिया है। भावी उम्मीदवार फेसबुक और व्हाट्सएप पर सक्रिय हो गए हैं।
सामान्य रही सीट तो रोमांचक होगा मुकाबला
कस्बे के लोगों का कहना है कि चेयरमैन पद के लिए सामान्य सीट निर्धारित होगी तो सभी वर्ग के प्रत्याशी मैदान में होंगे। इससे मुकाबला और रोचक होगा। प्रत्याशियों ने भी होर्डिंग्स और बैनर के माध्यम से प्रचार करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही घर-घर जाकर संपर्क भी साध रहे हैं। दावेदारी के लिए चौपाल लगनी भी शुरू हो गई है।
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काम के बहाने चली जा रही वोटों की चाल
निकाय चुनाव का औपचारिक ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ हो, लेकिन चुनावी बिसात पर वोटों की मोहरें बिछने लगी हैं। वर्तमान चेयरमैन किसी भी हाल में बचे कार्यकाल के लिए मन मुताबिक काम करवा कर लोगों के बीच फिर से विकास का नारा देने की तैयारी में लगे हैं। दूसरी तरफ पुराने चेयरमैन प्रत्याशी मौजूदा चेयरमैन पर आरोप लगाकर उनके वोट बैंक में सेंध मारने की तैयारी में हैं।
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