न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ठंड बढ़ने के साथ दिल की धड़कन भी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में दिल के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश को हाई ब्लड प्रेशर और सीने में दबाव की शिकायत है। कई दिनों से दिल के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से हेल्दी माना जाता है, लेकिन दिल के रोगियों के लिए यह मौसम अनहेल्दी होता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वरुण चौधरी ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ दिल के रोगियों की परेशानी भी बढ़ने लगती है। गर्मियों में और सामान्य मौसम में दिल के रोगियों को कोई खास परेशानी नहीं होती, लेकिन सर्दियों में उन्हें ज्यादा तकलीफ होती है।
सर्दी में जहां ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है, उनके लिए यह मौसम खासा खतरनाक होता है। इस मौसम में दिल के रोगियों को कई तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है।
क्या कहते हैं चिकित्सक
सर्दियों में हार्ट अटैक के मुकाबले हार्ट फेल का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में सांस फूलने की शिकायत को इस मौसम में बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सांस फूलने की परेशानी फेफड़ों में इन्फेक्शन के कारण भी हो सकती है। यदि किसी की अचानक बैठे-बैठे भी सांस फूलने लगे तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। इसमें लापरवाही घातक हो सकती है।
- डॉ. आरपी सिंह, पूर्व सीएमओ।
क्यों बढ़ता है बीपी
- सर्दियों में तापमान कम होने से रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं। संकरी शिराओं और धमनियों में रक्त के संचारण के लिए अधिक बल की आवश्यकता होती है। इससे रक्तदाब बढ़ जाता है।
- सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। इससे भी रक्त का दाब बढ़ जाता है। रक्तदाब बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डिक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
- हाल के अनुसंधानों में यह बात भी सामने आई है कि सर्दियों में सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है और शरीर में कैटेकोलामिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो धड़कनों को बढ़ाकर ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है।
- सर्दियों में शरीर के तापमान और ऊष्मा के स्तर को बनाए रखने के लिए रक्त के प्रवाह को रोकता है। इससे रक्त के संचरण के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
- शरीर में अल्फा रिसेप्टर होते हैं, जो सर्दियों में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
सर्दियों में ब्लड प्रेशर पर ऐसे करें काबू
- मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं।
- सर्दियों में घर में दुबके न रहें, बल्कि धूप सेकें।
- हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होने पर अधिक ठंड में सुबह के समय दवा लेकर ही बाहर निकलें।
- आउटडोर गतिविधियां कम से कम करें।
- एक मोटा कपड़ा पहनने की बजाय कपड़ों की कई तह पहनें, इससे ऊष्मा कपड़ों की परतों के बीच में देर तक एकत्र रहती है।
- सिर को अच्छी तरह से ऊनी कपड़ों से ढक कर रखें।
- संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं।
- अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर से ऊष्मा को तेजी से बाहर निकालते हैं।
मरीजों का दर्द
बच्चे को सर्दी से बुखार आ रहा है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल आया हूं, इसके अलावा मुझे अधिक ठंड से घबराहट महसूस होती है।
-वसीम, तीमारदार
पिछले कई दिनों से बदल रहा मौसम बच्चों व बुजुर्गों को परेशान कर रहा है। बच्चे सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। दवा दिलवाने आई हूं।
-आकाश, तीमारदार
मुझे हल्की ब्लड प्रेशर की शिकायत है। घबराहट होती है, ठंड से काफी परेशानी हो रही है। उसी की दवा लेने के लिए आई हूं।
-मीना देवी, मरीज
सर्दी और घबराहट हो रही है, इसलिए अस्पताल से दवा लेने आए हैं। यह मौसम बीपी के मरीजों के लिए सही नहीं है।
-नगमा, मरीज