हाथरस में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पूरे साल विभाग की अव्यवस्थाओं से जूझे। बच्चों को आधे वर्ष किताबें ही नहीं मिलीं और कार्य उत्तर पुस्तिकाएं साल के अंत र्में आइं। डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थी भी शैक्षिक सत्र नियमित न होने की वजह से परेशान रहे, तो वहीं कई छात्रावासों का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका।
बात यदि बेसिक शिक्षा की करें, तो बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चे पूरे साल विभागीय अव्यवस्थाओं से जूझते रहे। जो कार्य पुस्तिकाएं सत्र की शुरुआत में ही आ जानी चाहिए थी, वह साल के अंत में आईं। ऐसा ही कुछ हाल बेसिक शिक्षा के स्कूलों में किताबों के वितरण का रहा। आधा साल बीतने पर किताबें आईं।
इससे पहले बच्चे बिना किताबों के ही पढ़े। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं दो छात्रावासों का निर्माण बालिका शिक्षा के तहत कराया जा रहा है। वार्षिक सत्र पूरा होने तक भी इन पांचों छात्रावासों का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। ऐसे में गरीब तबके की जो छात्राएं इन छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने की उम्मीद लगाए बैठी हैं, उनको अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
यहां हो रहा छात्रावासों का निर्माण
- गौरी शंकर हिंदू इंटर कॉलेज सिकंदराराऊ
- नगला बीच हसायन
- नगर पंचायत सहपऊ
- विकास खंड मुरसान के टुकसान
- सादाबाद के वास अमरू
शैक्षिक सत्र नियमित न होेने से परेशान रहे विद्यार्थी
हाथरस के डिग्री कॉलेजों में शैक्षिक सत्र नियमित न होने से परीक्षार्थी पूरे साल दिक्कतें झेलते रहे, क्योंकि डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा और राजा महेंद्र प्रताप राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ की अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण परीक्षार्थी परेशान रहे। पुराने छात्रों के कार्य अभी भी आगरा से हो रहे हैं, जबकि अलीगढ़ में विश्वविद्यालय का स्थायी भवन न होने से अव्यवस्थाओं का सामना विद्यार्थियों को करना पड़ रहा है।