न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)।इसके बाद वह नेता को तहसीलदार कार्यालय पर ले गए।कमलेश शर्मा ने तहसीलदार के समक्ष मोहल्ले के कई लोगों के नाम ले लेकर कहा कि उनके पास गाड़ी, बंगला, एसी सबकुछ है तो उनके प्रमाणपत्र कैसे बन गए।
तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब भाजपा नेता कमलेश शर्मा अपने पुत्र का सवर्ण आर्थिक आरक्षण प्रमाण बनवाने की मांग को लेकर छत पर चढ़ने लगीं और वहां से कूदकर आत्महत्या करने का ऐलान कर दिया। महिला नेता का कहना था कि वह प्रमाणपत्र की खातिर तहसील के चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया। तहसीलदार का कहना है कि लेखपाल ने उनके पास प्लॉट होने की रिपोर्ट दी थी। नेता का कहना है कि यदि ऐसा है तो पिछले वर्ष उनका प्रमाण पत्र कैसे बन गया।
कमलेश शर्मा ने बताया कि उनके पुत्र को नौकरी में आरक्षण प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ रही थी। कई दिनों से वे तहसीलदार और लेखपाल के घर के चक्कर लगा रही हैं। मंगलवार को वह दोबारा तहसील पहुंच गईं और सबके सामने रोते हुए कहने लगीं कि वह तहसील भवन की छत से कूदकर आत्महत्या कर लेंगी। इसके बाद वह तहसील की छत पर चढ़ने लगीं।
कस्बा चौकी प्रभारी भवानी शंकर मौके पर पहुंच गए और नेता को छत पर चढ़ने से रोका। इसके बाद वह नेता को तहसीलदार कार्यालय पर ले गए। वहां तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल ने उनके नाम 100 वर्ग गज के प्लाट की रिपोर्ट दी है, इसलिए नियमानुसार प्रमाणपत्र नहीं बन सकता है। कमलेश शर्मा ने तहसीलदार के समक्ष मोहल्ले के कई लोगों के नाम ले लेकर कहा कि उनके पास गाड़ी, बंगला, एसी सबकुछ है तो उनके प्रमाणपत्र कैसे बन गए। उनका खुद का प्रमाणपत्र पिछले वर्ष कैसे बन गया। कुल मिलाकर कई घंटे तक तहसील परिसर में हंगामा होता रहा। संवाद