हाथरस : मोमबत्ती जलाकर आतिशबाजी करते लोग। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दिवाली पर जमकर पटाखे चले। रात भर आतिशबाजी चलाई गई और धूमधड़ाका होता रहा। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में भी वृद्धि हो गई। यह पर्यावरण और सेहत दोनों के लिए नुकसान दायक है।
इंटरनेट से मिले आंकड़े के अनुसार जहां छोटी दिवाली पर वायु गुणवत्ता सूूचकांक 141 प्वाइंट था तो दिवाली के दिए यह 167 पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। हालांकि बाजार में ग्रीन पटाखे भी उपलब्ध थे, लेकिन आतिशबाजी के शौकीनों ने ग्रीन पटाखे नहीं चलाए।
उन्होंने अधिक धूम धड़ाके वाले पटाखे चलाए। हालांकि प्रशासन ने चयनित स्थलों ही पटाखों की बिक्री की इजाजत दी थी, लेकिन शहर के अंदर भी पटाखे बिके। इधर, बागला कॉलेज में केवल दो दिन ही पटाखे बिके। संवाद