बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आलू बीज उत्पादन का हब बनाने की मांग स्वीकार की गई।कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार जैसवाल, विधायक धर्मपाल, संयुक्त निदेशक सीपीआई मेरठ, निदेशक उद्यान, संयुक्त निदेशक आलू उद्यान शामिल रहे। आलू के मानक, गुणवत्ता व प्रोसेसिंग यूनिट लगाने व निर्यात की जानकारी दी गई। इस संबंध में निदेशक को निर्देशित किया गया कि आलू बीज प्राप्त करने वाले किसानों का विवरण रखते हुए अगले वर्ष बीज को अन्य किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आलू विकास की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) कार्यालय में मंगलवार को हुई। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आलू बीज उत्पादन का हब बनाने की मांग स्वीकार की गई।
कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार जैसवाल, विधायक धर्मपाल, संयुक्त निदेशक सीपीआई मेरठ, निदेशक उद्यान, संयुक्त निदेशक आलू उद्यान शामिल रहे। आलू विकास का प्रस्तुतीकरण दिया गया। आलू के मानक, गुणवत्ता व प्रोसेसिंग यूनिट लगाने व निर्यात की जानकारी दी गई। ऋषि कुमार के सुझाव पर पश्चिम यूपी को बीज उत्पादन का हब बनाने की मांग स्वीकार की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश से आलू का निर्यात मात्र एक प्रतिशत होता है, जिसे प्रदेश से निर्यात बढ़ाए जाने की योजना धरातल पर लागू करने का आदेश दिया गया। प्रदेश में करीब 18 लाख टन आलू के बीज की जरूरत उद्यान विभाग द्वारा बताई गई, लेकिन प्रदेश सरकार केवल 40000 टन बीज दे पाती है। इस संबंध में निदेशक को निर्देशित किया गया कि आलू बीज प्राप्त करने वाले किसानों का विवरण रखते हुए अगले वर्ष बीज को अन्य किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। बैठक में मोहन सिंह चाहर, पुष्पेंद्र जैन सहित कई किसान व उद्यमी उपस्थित रहे। संवाद