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हाथरस : सादाबाद में रहस्यमय बीमारी से 30 और सूअरों की मौत

सार

कस्बे में रहस्यमय बीमारी से सूअरों के मरने का सिलसिला जारी है।शुरुआत दिनों में मरने वाले सूअरों की संख्या कम थी, लेकिन बीते चार दिनों में तेजी से सूअरों की मौत होने लगी है।अन्य जिलों में भी कुछ इसी तरह से सूअरों की मौत हो रही है।
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हाथरस : सूअरों की मौत के मद्देनजर सूअर बाड़े के अंदर छिड़काव करते नगर पंचायत कर्मचारी। संवाद - फोटो : SADABAD
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विस्तार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
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कस्बे में रहस्यमय बीमारी से सूअरों के मरने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी करीब 30 सूअरों की मौत से पशुपालकों नगर पंचायत की मुश्किलें और बढ़ गईं। पशु चिकित्सा विभाग सूअरों में फैल रही बीमारी का पता लगाने का हर संभव प्रयास कर रहा है।
करीब दो हफ्ते पहले कस्बे में सूअरों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। तब से लगातार कस्बे के विभिन्न इलाकों में सूअरों की मौत हो रही है। शुरुआत दिनों में मरने वाले सूअरों की संख्या कम थी, लेकिन बीते चार दिनों में तेजी से सूअरों की मौत होने लगी है। अब तक कस्बे में करीब 200 सूअरों की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को भी 30 सूअरों की मौत रहस्यमय बीमारी से हो गई। सूअर पालक भी इस बीमारी के संबंध में कुछ समझ नहीं पा रहे हैं। बीमारी जैसे कोई लक्षण सूअरों में दिखाई नहीं देते हैं। मरने से पहले कुछ देर के लिए सूअर झटपटाते जरूर हैं।
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सूअर पालकों को अब तक हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसी रफ्तार से सूअरों की मौत होती रही तो कस्बे से सूअर ही खत्म हो जाएंगे। सूअरों में फैली बीमारी के शुरुआती दिनों में कस्बे के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह सूअरों की मौत से गंदगी और दुर्गंध का आलम था। दो दिन पहले पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अलीगढ़ रेंज दीपक कुमार के निरीक्षण के बाद नगर पंचायत द्वारा सूअरों के शवों को दफनाने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
पशुपालकों से सूचना मिलने के बाद सूअरों को कस्बे से दूर ले जाकर जेसीबी के माध्यम से दफनाया जा रहा है। कस्बे की बाल्मीकि बस्तियों में नगर पंचायत द्वारा हाइपो क्लोराइड का छिड़काव भी शुरू करा दिया गया है, जिससे सूअरों में फैला संक्रमण कम हो सके। यह भी जानकारी मिली है कि कस्बे के अलावा मेरठ, फिरोजाबाद आदि जिलों में भी कुछ इसी तरह की बीमारी से सूअरों की लगातार मौत हो रही है। पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद रक्त के नमूने जांच के लिए बरेली भेजे गए हैं। प्राथमिक लक्षण स्वाइन फीवर जैसे नजर आते हैं। संवाद
कस्बे में अज्ञात बीमारी से लगातार सूअरों की मौत हो रही है। सूअरों की मौत का आंकड़ा करीब 200 तक पहुंच गया है। पशु चिकित्सा विभाग बीमारी की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रहा है। अन्य जिलों में भी कुछ इसी तरह से सूअरों की मौत हो रही है। सूअरों को जेसीबी के माध्यम से कस्बे से दूर दफनाने का इंतजाम किया गया है। सूअर पालन वाले इलाकों में नगर पंचायत कर्मचारियों द्वारा हाइपो क्लोराइड का छिड़काव भी शुरू करा दिया गया है।
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-मणि सैनी अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत
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सूअरों को बाड़े में बंद रखने के निर्देश
सादाबाद। सूअरों में फैली रहस्यमय बीमारी को लेकर नगर पंचायत द्वारा सूअर पालकों के साथ बैठक की गई। बैठक के दौरान सूअर पालकों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सूअरों के बीच फैला संक्रमण कम न हो जाए, तब तक सूअरों को बाड़े में बंद रखा जाए। बृहस्पतिवार को भी कस्बे के कई इलाकों में सूअर जगह-जगह घूमते नजर आए। सूअरों की मौत के सिलसिले को रोकने के लिए सूअर पालकों को भी तत्परता और गंभीरता दिखानी होगी। संवाद
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