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हाथरस : जिले में 1419 हेक्टेयर वन भूमि अवैध कब्जे में फंसी

सार

जिले में सरकारी भूमि पर कब्जे का सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है।इस वित्तीय वर्ष में 26 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।वन विभाग की कुल भूमि 1615 हेक्टेयर भूमि है।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 1955 में सीलिंग की प्रक्रिया हुई थी।
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गौरव भारद्वाज
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हाथरस। जिले में सरकारी भूमि पर कब्जे का सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है। वन विभाग की 1419 हेक्टेयर वन भूमि पर जिले में अलग-अलग स्थानों पर किसानों ने कब्जा कर रखा है। अब वन विभाग के अधिकारी भूमि को खाली कराने की योजना तैयार कर रहे हैं। विभाग ने सीलिंग के दौरान अपनी इस भूमि को खो दिया था। यदि यह भूमि खाली हो जाए तो इस पर हजारों की संख्या में पौधे रोपे जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि साल दर साल प्रदेश सरकार द्वारा पौधरोपण के लक्ष्य को बढ़ाया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 26 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। अगले वर्ष लक्ष्य को और बढ़ाया जाएगा, इसलिए वन विभाग के भूमि की उपलब्धता के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। दरअसल, पौधे लगाने के दौरान दूरी का मानक होता है।
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इस हिसाब से भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाना जरूरी हो गया है। अब प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) द्वारा कब्जे वाली भूमि को चिन्हित किया जा रहा है। इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर भूमि को मुक्त भी कराने की योजना तैयार की गई है। संवाद
इन जगहों पर है कब्जे में है भूमि
सिकंदाराराऊ क्षेत्र के कई गांवों के अलावा भिसी मिर्जापुर, नगला कांच, मनौरा, धुबई, बरसौली, खेरिया, हाथरस के गढ़ी खुर्ती, बर्द्धवारी आदि गांवों में 1419 हेक्टेयर भूमि पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई वर्षों से इस भूमि पर फसलों की पैदावार कर रहे हैं। 196 हेक्टेयर भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वन विभाग की कुल भूमि 1615 हेक्टेयर भूमि है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 1955 में सीलिंग की प्रक्रिया हुई थी। इस दौरान जिला प्रशासन ने इन जमीनों को पट्टे पर दे दिया। उसके बाद वन विभाग के अफसरों को आदेश दिया गया कि जितनी भी भूमि खाली पड़ी है, उसे कब्जा मुक्त कराया जाए। कब्जेदारों को सेक्शन 20 के तहत नोटिस भी दिए गए। कागजी प्रक्रिया को भी पूरा किया गया। कब्जेदार न्यायालय की शरण में चले गए। पूर्व में कई बार अधिकारियों ने प्रयास किए, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। संवाद
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वन विभाग की जिले में कुल 1615 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें 196 हेक्टेयर भूमि के संबंध में कोर्ट में केस चल रहा है। भूमि को चिन्हित कर लिया गया है। धान की फसल कटवाने के बाद भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा और यहां गड्ढे खोदवाए जाएंगे।
डॉ. सीपी सिंह, डीएफओ हाथरस।
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