न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ निगम स्तर से बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इस क्रम में जिलेभर में चार साल में 170420 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसक बावजूद जिले में बिजली चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही। जिले के 153 फीडरों पर 50 प्रतिशत से अधिक चोरी हो रही है। शहर में 28 प्रतिशत व देहात में 60 प्रतिशत लाइन हानियां हैं। इस कारण विभाग को हर माह लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख साठ हजार लोगों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर, देहात और कस्बों में बिजली चोरी बेकाबू है। इसे लेकर आला अफसरों की बैठकों में स्थानीय अधिकारियों क्लास भी लग रही है। चार साल में बिजली टीम, विजिलेंस व बिजली थाना ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान 170420 लोगों के खिलाफ ओढ़पुरा स्थित बिजली थाने में मुकदमा लिखा गया। दो हजार से अधिक लोगों के मामले में फाइनल रिपोर्ट और चार्जशीट लगी है। इससे तीन करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल हुआ है। शहर में 547 लोगों के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई है। संवाद
बिजली चोरों ने खराब कर दी बंच कंडक्टर लाइन
वर्ष 2012 में आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर, कस्बा में बिजली की बंच कंडक्टर लाइन डाली गई। बंच कंडक्टर लाइन को बिजली चोरों ने जंफर डालकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस कारण बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा। ज्यादातर चोरी कटिया डालकर पाई गई है। ज्यादातर बिजली चोरी मीटर को बाईपास करते हुए केबल डालकर हुई है। इससे विभाग को हर माह लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।