संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शहर से लेकर देहात तक बिजली सिस्टम भगवान भरोस हैं। जर्जर लाइनों के चलते अक्सर लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इस कारण लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी रिवेम्ड स्कीम में जल्द समस्या दूर कराने का आश्वासन लोगों को दे रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने से लोगों में गुस्सा पनपने लगा है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के आदेश हैं। इसके बाद भी लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। शहर से देहात तक जर्जर हालत में लाइन है। सोमवार को शहर के गिजरौली, नवीपुर, प्रगतिपुरम, ओढ़पुरा, काशीराम टाउनशिप के अलावा देहात सलेमपुर, नगला रति, उघई, लाखनू आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट हो गए।
इस कारण लोगों को हर रोज तीन से चार घंटे बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने से लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी सितंबर में रिवेम्प स्कीम में काम शुरू होने के बाद लाइनो को बदलवाने की बात कह रहे हैं।
- बिजली व्यवस्था भगवान भरोस हैं। कभी दिन में कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इस कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - केपी सिंह
- सबस्टेशन पर बिजली की जानकारी की जाती है तो कहते हैं यहां से चालू हैं। जर्जर लाइनों के चलते अक्सर बिजली गुल ही रहती है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। समस्या का जल्द निदान किया जाए। - नवीन प्रताप सिंह
- आज के समय में बिजली दिनचर्या में शामिल हो गई है। विभागीय कर्मी शटडाउन का खेल खेलते हैं। इस कारण आए कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है। विभागीय अधिकारी शटडाउन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - मनोज वार्ष्णेय
- जर्जर लाइनें मुसीबत बन गई है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस कारण आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पूरे दिन बिजली की आंख मिचौली का खेल चलता है। - विजय कुमार।