सार
मुकेश पुत्र सौदान सिंह निवासी नगला हीरा सिंह 28 नवंबर को कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर अपनी बकरी चराने गए थे। तभी उनकी बकरी बोरिंग में गिर गई। अमर उजाला ने बकरी के फंसे होने की खबर को लगातार दिखाया है, जिसके कारण प्रशासन ने बचाव कार्य जारी रखा हुआ है।
बकरी को बचाने के लिए खुदाई करता जेसीबी
- फोटो : संवाद
हाथरस के मुरसान में कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर पिछले 11 दिन से एक बकरी नलकूप के बोरिंग में फंसी बकरी 12 वें दिन बाहर निकल सकती है। बकरी को बचाने के लिए खुदाई कार्य जारी है। बोरिंग के अंदर मोबाइल डालकर की गई रिकोर्डिंग में बकरी सही सलामत नजर आ गई है।
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बोरिंग में फंसी बकरी को 8 दिसंबर को भी नहीं निकाला जा सका। दिन भर मौके पर बचाव कार्य चला। जेसीबी से खोदाई भी कराई गई। ग्रामीणों ने मोबाइल फोन से नलकूप के बोरिंग में डाला था, रिकोर्ड हुए वीडियो से पता चला है कि बकरी जिंदा है, वह चारा पानी भी ले रही है।
गौरतलब है कि मुकेश पुत्र सौदान सिंह निवासी नगला हीरा सिंह 28 नवंबर को कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर अपनी बकरी चराने गए थे। तभी उनकी बकरी बोरिंग में गिर गई। अमर उजाला ने बकरी के फंसे होने की खबर को लगातार दिखाया है, जिसके कारण प्रशासन ने बचाव कार्य जारी रखा हुआ है। 9 दिसंबर को कभी भी बकरी बोरिंग से बाहर आ सकती है।