फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी शिक्षक को कराया वेतन भुगतान

Sun, 24 May 2015 12:16 AM IST
hathras
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने वाले माफिया के जाल में जिले के अधिकारी भी फंसते दिख रहे हैं। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के कारण हाथरस विकास खंड के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापिका का लंबे समय से रुका हुआ वेतन रातों-रात जारी कर दिया गया। अब इसकी शिकायत सभी साक्ष्यों के साथ शिकायतकर्ता ने सीएम को भेजी है। यह आरोप सीएम को भेजी शिकायत में हरी सिंह निवासी रमनपुर रोड दरगाह ने लगाए हैं। सीएम को भेजी शिकायत में उन्होंने साक्ष्य के रूप टीकाराम कन्या महाविद्यालय अलीगढ़ के एसआर पंजिका की छाया प्रति भी भेजी है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह फर्जी शिक्षिका इस महाविद्यालय की वर्ष 1999 की छात्रा ही नहीं रही है। इसके साथ ही उन्होंने बीएड के परीक्षाफल का वह चार्ट भी उपलब्ध कराया है, जिसमें भी इस शिक्षिका का नाम नहीं हैं। महाविद्यालय से दी गई जानकारी में बताया गया है कि वर्ष 1998-99 में कुल 73 छात्राओं ने बीएड की परीक्षा दी है, जिनके अनुक्रमांक 502531 से 5025603 तक हैं। जिसका पूर्व विवरण भी महाविद्यालय ने आरटीआई के तहत दिया है। इस शिक्षिका के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की शिकायत के आधार पर बीएसए ने पूर्व में इस शिक्षिका को वेतन भी रोका था, किंतु जिले के एक आला अधिकारी ने बीएसए को दिए निर्देश में कहा है कि विश्वविद्यालय से इस शिक्षिका के बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया है, जोकि सही पाया गया है, जबकि आरटीआई के तहत डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने आरटीआई में मांगी गई सूचना का अभी तक कोई जवाब ही नहीं दिया है, जिससे इस अफसर की भूमिका कटघरे में आ गई है। देवेंद्र कुमार गुप्ता, बीएसए हाथरस का कहना है शिक्षिका के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत पर वेतन रोका गया था, किंतु आला अधिकारियों के निर्देश पर वेतन जारी किया गया है। सीएम को शिकायत भेजी गई है तो इसकी फिर से गहनता से जांच कराकर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें