खारजा नहर में बोरियों के अंदर गौवंश अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों में रोष था। आंकलन लगाया जा रहा है कि गौकशी कहीं अन्यत्र कर अवशेष नहर में फेंकने के बाद आरोपी भाग गए। यदि वहां गौकशी होती, तो कोई निशान मिलता। पुलिस ने भी चारों तरफ भाग दौड़ कर स्थल तलाशने का काम किया, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला।
हाथरस में सिकंदराराऊ के गांव जिरौली तथा पोरा के मध्य खारजा नहर पुल के नीचे पानी में तैरती हुईं बोरियां मिलीं थीं। इनमें गौंवश अवशेष मिला था। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिये चार टीमों का गठन किया है। इसमें एसओजी हाथरस को भी लगाया गया है। आरोपियों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है।
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बतादें कि नहर में बोरियों के अंदर गौवंश अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों में रोष था। आंकलन लगाया जा रहा है कि गौकशी कहीं अन्यत्र कर अवशेष नहर में फेंकने के बाद आरोपी भाग गए। यदि वहां गौकशी होती, तो कोई निशान मिलता। पुलिस ने भी चारों तरफ भाग दौड़ कर स्थल तलाशने का काम किया, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला।
घटना के दिन मौके पर हाथरस से एसओजी टीम निरीक्षक आशोक कुमार सिंह तथा उपनिरीक्षक सौनू राजौरा पहुंच गए तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये काम करना प्रारम्भ कर दिया। कोतवाल आशीष कुमार सिंह ने बताया पुलिस मामले को पूरी गम्भीरता से ले रही है तथा जगह-जगह जाकर जांच कर रही है। निश्चित रूप से कुछ ही समय में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।