गांव जिरौली और पोरा के मध्य खारजा नहर में पिछले महीने 22 अगस्त को बोरों में बंद गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को मुठभेड़ के बाद तमंचे और छुरियों सहित गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को पहले ही जेल भेज चुकी है।
कोतवाल आशीष कुमार सिंह ने बताया कि नहर में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद पुलिस गोकशी करने वालों की तलाश में जुटी थी। एक आरोपी को पहले ही छुरियों सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि कई लोग नगला जमुनी की पुलिया पर मौजूद हैं। यह गोकश हो सकते हैं। पुलिस ने पुलिया के पास रात में दबिश दी। एक आरोपी ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायर कर दिया, जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए।
पुलिस ने मौके से इकरार पुत्र इकराम, जुल्फिकार पुत्र अखलाक, वकील पुत्र सईद खां, इमरान उर्फ मुन्ना पुत्र पुत्र बुंदू अली निवासी गांव मकसूदपुर जलेसर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, कारतूस और छुरियां बरामद हुई हैं। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह गायों को काटकर उनका मांस बेचने के लिए ले जाने वाले थे।