बुखार के लगातार प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। जिले में 58 गांव और मोहल्ले ऐसे हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में घोषित किया है। एक साल पहले 2022 में यह संख्या 31 थी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौ, सहपऊ, सासनी और मुरसान क्षेत्र में बुखार का सर्वाधिक प्रकोप है और उच्च जोखिम वाले सर्वाधिक गांव भी इन्हीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के हैं। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि इन गांवों में तैनात सीएचओ और एएनएम से प्रतिदिन बीमार लोगों के बारे में जानकारी ली जा रही है।
मच्छरों के पनपने के स्रोत नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है और बीमार लोगों को दवा दी जा रही है। अति संवेदनशील की श्रेणी में उन्हीं गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें पिछले वर्ष डेंगू, मलेरिया सहित बुखार के अधिक पीड़ित मिले थे। सासनी के हर्दपुर को अति संवदेनशील की विशेष श्रेणी में रखा गया है।
उच्च जोखिम वाले गांव
महाै सीएचसी के गांव तिरपस, नगला झंडू, पुराकलां, रामनगना, गढ़ी बलना, हाथरस जंक्शन, गढ़ी जैनी, जलालपुर इसमें शामिल हैं। सहपऊ क्षेत्र में थरौरा, फतेहल्लापुर, बुढ़ाइच, नगला मनी, रसगवां, कुकरगवां, धनौली, कोंकना कलां, चौबारा, बहरदोई, मानिकपुर, नगला मेवा, मीरपुरा, नगला सलेम, धाधऊ, मढ़ापिथू, पीहुरा, महरारा शामिल है।
सासनी क्षेत्र में राइया, हर्दपुर, बरसै, मोहल्ला अजीत नगर, सासनी, बसगोई, नगला सिंह, वीर नगर, नगला नत्थू, नगला पोपा, बिजलीघर, कंकाली के पास, सुसायत खुर्द शामिल है। सिकंदराराऊ क्षेत्र के नौखेल मोहल्ला, छितरपुर, नगला खन्ना और सादाबाद के गांव कंजौली, प्रकाश नगर सादाबाद, नाला नगरिया को शामिल किया गया है।
मुरसान में नगला नंदराम, नगला मोतियार, कछपुरा, गुबरारी, रामगढ़, गोलनगर, केवल गढ़ी, नगला कृपा, टुकसान, हसायन क्षेत्र में धर्मपुर एवं नगरिया शामिल हैं।
उच्च जोखिम वाले शहर के इलाके
कलवारी, शिव कॉलोनी, तालाब चौराहा, बागला जिला चिकित्सालय, आनंदपुरी प्रकाश टैक्सटाइल, सीकनापान गली, नवल नगर, कंचननगर, बालापट्टी, मधूगढ़ी, फूलनगर, इग्लास अड्डा, रामनगर, हनुमान गली, नवीपुर खुर्द, रावत कॉलोनी, नगला कुंवरजी, नगला तंदुला, गढ़ी तमना, सुंदरवन कॉलोनी, महादेव नगर कॉलोनी, चामड़ गेट, सुदामा पुरी कॉलोनी।
सभी ब्लॉकों में डेंगू व बुखार के मामले पाए जा रहे हैं। ब्लॉक सासनी का हर्दपुर बेहद संवेदनशील चिन्हित है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में चिकित्सकीय टीमें लगातार भेजी जा रही हैं।
डाॅ.मंजीत सिंह, सीएमओ
उच्च जोखिम वाले 27 क्षेत्र बढ़ गए एक साल में
वर्ष 2022 में संक्रामक उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की संख्या 31 थी। जो इस साल बढ़कर 58 हो गई है। यानी 27 नए क्षेत्रों में इस बार बुखार ने कहर बरपा रहा है।
हर्दपुर विशेष अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित
वर्ष 2023 में कई नए इलाकों हाई रिस्क एरिया में शामिल किया गया है। इनमें हर्दपुर, तिपरस, कंजौली गांव शामिल हैं। हर्दपुर को तो अतिसंवेदनशील में विशेष श्रेणी में रखा गया है। यहां बुखार से 11 की मौत हो चुकी है और सौ से अधिक बीमार है। यहां प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम जा रही है।