भीषण गर्मी के दिनों में शहर और ग्रामीण अंचल में हो रही विद्युत कटौती से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में फसलों की सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में दो से तीन घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है। ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य राजा गरुणध्वज सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण ओढ़पुरा स्थित अधीक्षण अभियंता (एसई) के कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने एसई से निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली दिलाने की मांग की।
शुक्रवार को एसई से मिलने पहुंचे ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह के सामने गुस्से का इजहार किया। लोगों का कहना है कि सरकार ने गामीण क्षेत्र को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने का शेड्यूल जारी कर रखा है, लेकिन मात्र दो से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में घरेलू कार्य से लेकर फसलों के सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली नहीं होने से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं।
सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। सिंचाई नहीं होने की वजह से बाजरा व धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नलकूपों के लिए शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे फसलों की सिंचाई हो सके।
एसई से मिलने वालों में वीरेंद्र सिंह दरोगा, हीरेंद्र सिंह, बच्चू सिंह, विष्णु चौधरी, सुरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, पारा पंच, उदयवीर सिंह, दुर्ग सिंह, सोनवीर सिंह, रीता मास्टर, देवा बौहरे, कांति शर्मा, उदल बौहरे, सुरेश पंडित आदि उपस्थित रहे।