जिले में प्री-मानसून की आहट के साथ ही किसानों ने धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दी है। बीज विक्रेताओं की दुकानों पर किसान धान का बीज खरीदने में जुट गए हैं। पौध तैयार होते ही धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। जिले में किसानों को मानसून की बारिश अच्छी होने की उम्मीद अभी से दिखने लगी है।
मौसम के रुख को भांपकर किसान धान की पैदावार करने के लिए अभी से सक्रिय हो गए है। धान की रोपाई जुलाई माह में शुरू हो जाएगी। रोपाई से पहले किसान नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। धान की रोपाई समय से हो जाने पर अच्छी फसल होने की संभावना रहती है। जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि एक एकड़ जमीन के लिए दो किलोग्राम बीज लें। तैरते हुए बीजों को निकालकर फेंक दें, क्योंकि वह खराब होते हैं।
स्वस्थ बीजों से नमक को हटाने के लिए साफ पानी से धोएं। कार्बेन्डाजाइम से बीज को उपचारित करें। जमीन से 4 इंच ऊंची नर्सरी तैयार करें, जिसके चारों ओर नाली हो। नर्सरी में गोबर की खाद अथवा केंचुआ खाद डालकर भुरभुरा बनाएं। नर्सरी की सिंचाई करें। सिंचाई के बाद उनमें बीज का छिड़काव करें। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि फिलहाल में धान की खेती जिले के किसी भी क्षेत्र में प्रतिबंधित नहीं है।
धान की पौध के लिए बुवाई कर रहे हैं। अगले 20 दिन में पौध तैयार होने के बाद इसकी रोपाई शुरू हो जाएगी।
-रामू, किसान
धान की सुगंधा किस्म की पौध तैयार कर रहे हैं। इसमें पानी की खपत कम होती है।
-ललित सिसौदिया, किसान
जुलाई महीने की शुरुआत में धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। मानसून की स्थिति को देखकर किसान अपनी धान की पौध को रोपेंगे। अगर बारिश नहीं होती है तो ट्यूबवेल से खेत में पानी भरना पड़ेगा।
-कृष्णगोपाल, किसान