कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठे भारतीय पूर्व सैनिक स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी। संवाद
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भारतीय भूतपूर्व स्वयंसेवक संघ के बैनर तले पदाधिकारियों व सदस्यों ने रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर भूख हड़ताल की। विभिन्न मांगों को लेकर प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष विष्णु कुमार डाकुरेला ने कहा कि जेसीओ व ओआर को ऑफिसर के समान एमएसपी और 2006 से पूर्व सेवानिवृत जेसीओ व ओआर को एमएसपी के दायरे में लाया जाए। वीर नारियों और पूर्व सैनिक विधवाओं को एमएसपी के दायरे में लाया जाए। पीएमआर शब्द को ओआरओपी से हटाकर सभी को ओआरओपी के तहत लाया जाए।
दिव्यांगता पेंशन का लाभ जेसीओ व ओआर में मात्र 12 फीसदी लोगों को मिल रहा है, जबकि 49 फीसदी अधिकारी दिव्यांगता पेंशन ले रहे हैं। तीसरे वेतन आयोग के मुताबिक जेसीओ और ओआर की पेंशन उसके मूल वेतन का 75 फीसदी थी, लेकिन अब 50 फीसदी है। शहीद की विधवा या जेसीओ व ओआर की विधवा हो, सभी समान पेंशन व सुविधाएं दी जाएं। भारतीय थल सेना से वट मैन(सहायक प्रथा) खत्म होनी चाहिए। एमएसपी और अन्य भत्तों को बराबर करके जवान जेसीओ व ओआर के खोए हुए सम्मान को सरकार वापस करें।
इस मौके पर उपाध्यक्ष प्रताप सिंह सेंगर, महासचिव श्यामवीर सिंह साहब, कोषाध्यक्ष विशन सिंह साहब, कानूनी सलाहकार धर्मेंद्र सिंह एडवोकेट, ग्रुप कोआर्डिनेटर नेत्रपाल सिंह, ग्रुप सलाहकार शैलेंद्र सिंह शर्मा, व्यवस्थापक चंद्रभान यादव आदि मौजूद रहे।