क्षेत्र के गांव बहादुरपुर देवकरण में बृहस्पतिवार की दोपहर को आए बवंडर ने गांव वालों का काफी नुकसान हुआ। बिजली विभाग अभी तक टूटे हुए खंभे और बिजली की लाइनों को दुरुस्त नहीं करा सका है। इस कारण ग्रामीणों को बिजली और पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के निवासी ऊदल सिंह, प्रमोद गुप्ता, कंचन सिंह, हर प्रसाद बघेल, राघवेंद्र यादव, चरन सिंह, बलवीर सिंह, मुन्नालाल, धर्मवीर सिंह, राजनलाल गौतम, राकेश यादव, रामकृष्ण पाल, कर्मवीर सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि एक तो वह प्रकृति की मार से परेशान हैं और दूसरे प्रशासन और बिजली विभाग अभी तक बिजली-पानी के इंतजाम सुचारू नहीं करा सका है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से तहसीलदार कीर्ति सिंह आई थीं। उन्होंने न तो किसी ग्रामीण का हाल-चाल पूछा और न हीं नुकसान की भरपाई के संबंध में कोई बात की। गांव में घूमने के बाद वह गाड़ी में बैठकर चली गईं।
बिजली नहीं आने से दिन तो किसी तरह पेड़ों की छांव में बैठकर गुजर जाता है, लेकिन रात को मच्छर नहीं सोने देते। भूभर्ग जलस्रोत नीचे चला गया है। इस कारण यहां लगे हैंडपंपों से भी पानी नहीं आता। उन्होंने घरों में सबमर्सिबल लगवा रखी हैं, लेकिन बिना बिजली के उनसे भी पानी नहीं मिल रहा। गांव के लोग बुग्गी, साइकिल और अन्य वाहनों पर टंकियों में दूर से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं।
हालाकि गांव में बिजली विभाग के कर्मचारी क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने और खंभों को सीधा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है और इसी वजह से बिजली बहाल नहीं हो सकी है। तहसीलदार कीर्ति सिंह का कहना है कि गांव में बवंडर से हुए नुकसान का सर्वे किया गया है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।