भारत सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नई शिक्षा नीति लागू की है। यह नीति प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा के कई पहलुओं में सुधार करेगी और हमारे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत स्थान दिलाएगी। यह बात केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश कुमार सिंह शैलोत ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि अभी कुछ संसाधनों की कमी के चलते राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। यह संसाधन भी जल्द परिपूर्ण कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस नई नीति में कक्षा एक से 12 तक की शिक्षा को 5़3़3़4 पैटर्न में व्यवस्थित किया गया है, बच्चों को उनके विकास के अनुकूल शिक्षा मिल सके। नई शिक्षा नीति का लागू होना शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के लिए एक सकारात्मक संकेत है। नीति का उद्देश्य छात्रों को व्यक्तिगत विकास के लिए समर्पित शिक्षा प्रदान करना है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नई शिक्षा नीति को सभी केंद्रीय विद्यालयों में लागू किया गया है। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवान सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति के लागू होने से हमें उम्मीद है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को उनके विकास के लिए उचित मार्गदर्शन मिलेगा। मीनू पाठक, तरुण कुमार सक्सेना, अरुण कुमार, गीता रानी वर्मा, मंजीत कौर, सुरभि मित्तल, शिखा कपूर, सुधा शर्मा आदि मौजूद रहीं।