रोडवेज के अलीगढ़ परिक्षेत्र में जनपद एटा में एएसडीएम राजकुमार मौर्य की जांच में 11 जून को एटा डिपो की बस में 21 यात्रियों के फर्जी टिकट मिले। इस प्रकरण में चालक-परिचालक की संविदा समाप्त हो सकती है। हालांकि, रोडवेज अफसर कार्रवाई से पहले प्रशासनिक स्तर से आने वाली विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
एएसडीएम राजकुमार मौर्य को अलीगढ़ से एटा जा रही बस में कुल 41 यात्रियों में से मात्र 20 के ही टिकट सही मिले। एएसडीएम ने मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी है। खास बात है कि बस पर एआरएम का भाई एवं बस परिचालक संजीव कुमार गया था। बस शाम के समय अलीगढ़ से लौट रही थी। इस दौरान एएसडीएम राजकुमार मौर्य ने बस को महाराणा प्रताप चौक पर रुकवा लिया। इस दौरान यात्रियों की टिकट चेक की।
एएसडीएम ने बताया बस में 41 यात्री सवार थे। इनमें से मशीन के माध्यम से 20 यात्रियों के टिकट बनाए गए थे। जबकि दो यात्रियों को हाथ से सादा कागज पर पैसे और हस्ताक्षर किया गया टिकट दिया गया था। एएसडीएम ने जांच में पाया कि मशीन से बने हुए 20 टिकट ही वास्तविक थे। बाकी 21 टिकट फर्जी थे। सभी यात्रियों से किराया पूरा वसूला गया था, मगर उन्हें फर्जी टिकट थमाया गया था।
अलीगढ़ परिक्षेत्र के रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में अभी प्रशासनिक स्तर से जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित बस के चालक एवं परिचालक की संविदा समाप्त की जाएगी। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।