संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से मरीजों को घंटों भटकना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना डेढ़ से दो हजार मरीज आ रहे हैं। सोमवार को भी अस्पताल की ओपीडी में करीब दो हजार मरीज आए। जबकि वहां चिकित्सक महज पांच ही थे। ऐसे में चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीजों व तीमारदारों की कतारें लगी रही। काफी देर से कुछ मरीजों का नंबर आया तो कुछ मरीज बिना उपचार के ही वापस लौट गए।
बागला जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 25 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष यहां अस्पताल में महज 12 चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें भी इन चिकित्सकों की इमरजेंसी वार्ड में भी ड्यूटी रहती है। सोमवार को जिला अस्पताल में करीब दो हजार मरीज आए। वहां ओपीडी में केवल पांच चिकित्सक ही मौजूद थे। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद मरीजों का नंबर आया। कुछ मरीज तो बिना दिखाए वापस लौट गए।
- बेटे को बुखार की शिकायत है लेकिन यह बताया जा रहा है कि चिकित्सक ही मौजूद नहीं है। ऐसे में अब बिना उपचार कराए ही वापस लौट रहा हूं। - मनोज
- सांस लेने में दिक्कत हो रही है। काफी देर से लाइन में लगा हूं लेकिन अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है। जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। - देवकीनंदन
- पैर में चोट लग गई है। प्लास्टर के लिए बताया गया है। काफी देर से आकर यहां बैठा हूं। लेकिन कोई संतोषजनक उपचार नहीं हो रहा। - बनी सिंह, मरीज
- जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। शासन को समय-समय पर इससे अवगत भी कराया जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि हर आने वाले मरीज का बेहतर उपचार हो। - डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, बागला जिला अस्पताल।
बुखार, सांस से संबंधित बीमारी के रोगी बढ़े
सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश की मानें तो जिला अस्पताल में रोजाना डेढ़ से दो हजार मरीज आ रहे हैं। अब मौसम बदलने के साथ-साथ बुखार और सांस से संबंधित बीमारियों के रोगी बढ़ गए हैं। उनका कहना है बड़ों में जहां सांस के काफी रोगी अस्पताल आ रहे हैं तो बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारी के रोगी अस्पताल आ रहे हैं। संवाद