संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष सचिव पशुधन विभाग देवेंद्र कुमार पांडेय ने जनपद स्तर पर लंपी स्किन डिजीज बीमारी के प्रभावी नियंत्रण को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विशेष सचिव ने निर्देश दिए कि पूरे जोन में सतर्कता बरतें, पुलिस जिले की सीमाओं पर रहे। पशुओं को एक शहर से दूसरे शहर में न जाने दे। जानवरों को वैक्सीन लगवाने में सहयोग करें।
उन्होंने जनपद की सीमाओं तथा जिन ग्राम पंचायतों में संक्रमित पशु जाए जाते हैं, तो उप केंद्र मानते हुए टीकाकरण किया जाएं। उन्होंने कहा कि बचाव ही इसका उपचार है। इसके लिए पशु पालक साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, नीम की पत्तियों का धुआं करें।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को अनटाइड फंड के माध्यम से ग्राम पंचायतों में एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संक्रमित पशुओं के आइसोलेशन, पशु चिकित्सकों को निर्देशों और प्रोटोकॉल के अंतर्गत निस्तारण की कार्रवाई की जाए। बीमारी से मृत पशुओं को सम्मानजनक तरीके से ढककर निकटवर्ती चिन्हित स्थल पर 5 से 7 फीट गहरे गढ्ढे में दफनाया जाए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद स्तर पर लंपी स्किन डिजीज बीमारी की सूचना प्राप्त करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। तीन पशुधन प्रसार अधिकारियों की ड्यूटी 8-8 घंटे लगा दी गई है। लंपी स्किन डिजीज बीमारी के रोग नियंत्रण हेतु जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. सतीश यादव को नामित किया गया है।
समस्त विकास खंडों में रैपिड रेंस्पॉंस टीमों का गठन किया गया है। जनपद के समस्त पशुमेला, पशुबाजारों, पशु हाट, पशु पैंठ को 22 अगस्त से प्रतिबंधित कर दिया गया है। विकास खंड सासनी के ग्राम पंचायत बसगोई में 371, दिनावली में 114, जरैया गदाखेड़ा में 60, जसराना में 342, लढौता में 184, मौहरिया में 79, नहलोई में 68 तथा विद्यैपुर में 793 गोवंश का वैक्सीनेशन किया जाएगा।